नेशनल अवॉर्ड विनर अभिनेता मनोज बाजपेयी को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से उन्हें से पुरस्कार दिया। मनोज बाजपेयी के अलावा खेल जगत के भी कई नामी लोगों को इस सम्मान से नवाजा गया। इस मौके पर उनके साथ पत्नी शबाना बाजपेयी भी साथ नजर आईं। मनोज बाजपेयी ने अपनी इस खुशी साझा की।
विज्ञापन
2 of 5
Manoj Bajpayee
- फोटो : instagram
उन्होंने कहा, "मेरे करीबी, दोस्त और फैंस इस पुरस्कार से बहुत खुश हैं। ये अच्छी बात है कि अब तक सोशल मीडिया पर मेरी किसी भी तरह की आलोचना नहीं हुई और न ही किसी ने मेरा नाम पद्मश्री पुरस्कार विजेताओं के रूप में घोषित होने पर विवाद खड़ा किया। मैं वास्तव में खुश हूं और यह अच्छी बात है कि मुझे सम्मान मिलने पर किसी को आपत्ति नहीं है।"
विज्ञापन
3 of 5
Manoj Bajpayee
- फोटो : file photo
पद्मश्री से पहले मनोज बाजपेयी को दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। उनकी फिल्मों को फिल्मफेयर में नॉमिनेशन ना मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई है। बुधवार को उन्होंने कहा वह इस बात से वाकिफ हैं कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहद प्रशंसित उनकी तमाम फिल्मों को कभी भी 'तथाकथित बड़े मुख्यधारा के पुरस्कारों' की नामांकन सूची में जगह नहीं दी जाती है। उन्होने ये बात अपने ट्विटर अकाउंट के हवाले से कही है।
4 of 5
manoj bajpayee
- फोटो : file photo
गौरतलब है कि 64वें विमल फिल्मफेयर अवार्डस 2019 के लिए मंगलवार को नामांकन सूची की घोषणा हो गई हैं जिसमें मनोज बाजपेयी की कोई फिल्म शामिल नहीं है। ट्वीट में मनोज ने फिल्म गली गुलियां का एक पोस्ट शेयर कर लिखा है। 'अब तो आदत हो गई है ये देखने कि मेरी फिल्में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर सराही जाती हैं, लेकिन उन्हें तथाकथित मुख्यधारा के पुरस्कारों की लिस्ट में एक नामांकन भी नहीं मिलता, अवॉर्ड तो छोड़िए रचनात्मक खोज और शोषण अभी भी जारी है, गली गुलियां।'
बता दें कि मनोज की फिल्म 'गली गुलियां' (2018) को बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और 2017 मियामी फिल्म फेस्टिवल, इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ लॉस एंजिल्स, अटलांटा फिल्म फेस्टिवल, 42वें क्लीवलैंड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, शिकागो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और 2018 इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में दिखाया गया था। इस फिल्म ने काफी तारीफें बटोरी हैं।