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Netflix: जिम से निकला था नेटफ्लिक्स का आइडिया, जानें सबसे महंगे OTT प्लेटफॉर्म के 25 साल की कहानी

Sun, 28 Aug 2022 09:25 PM IST
हर्षिता सक्सेना एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

दुनियाभर में इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म का चलने तेजी से बढ़ता जा रहा है। पूरी दुनिया खास कर भारत में कोरोना काल ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को काफी लोकप्रिय किया। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में सबसे लोकप्रिय और महंगा ओटीटी नेटफ्लिक्स को ही माना जाता है।
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नेटफ्लिक्स - फोटो : Social media

दुनियाभर में इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म का चलने तेजी से बढ़ता जा रहा है। पूरी दुनिया खास कर भारत में कोरोना काल ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को काफी लोकप्रिय किया। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में सबसे लोकप्रिय और महंगा ओटीटी नेटफ्लिक्स को ही माना जाता है। डिजिटल दुनिया में कदम रखे नेटफ्लिक्स को 25 साल पूरे हो चुके हैं। साल 1997 में अमेरिकी शख्स रीड हेस्टिंग्स को जिम के रेवेन्यू मॉडल से प्रेरित होकर एक उपाय सूझा। उन्होंने सोचा कि जिस तरह जिम में एक बार सब्सक्रिप्शन देने के बाद लोग जितनी चाहे उतनी कसरत कर सकते हैं। तो उसी तरह फिल्में आदि देखने के लिए भी ऐसी ही एक जगह बनाई जाए जहां सिंगल सब्सक्रिप्शन से फिल्में आदि देखी जा सके।

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नेटफ्लिक्स - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए 29 अगस्त 1997 को अपने दोस्त मार्क रैंडोल्फ के साथ रीड हेस्टिंग्स ने नेटफ्लिक्स की नींव रखी दी। इसके ठीक एक साल बाद साल 1988 में मार्क रैंडॉल्फ और रीड हास्टिंग्स ने मिलकर एक वेबसाइट बनाने का फैसला किया और ‘Netflix.com’ शुरुआत की। इस वेबसाइट क मदद से लोग अपने पसंद की फिल्म डीवीडी ऑर्डर करने लगे। इसके बाद साल 2005 तक नेटफ्लिक्स के दुनिया भर में करीब 50 लाख सब्सक्राइबर हो गए। लेकिन इसी साल यूट्यूब के बढ़ते विस्तार को देख नेटफ्लिक्स ने 2007 में पहली बार अपनी एप पर वीडियो स्ट्रीमिंग भी शुरू की। इस शुरुआत के बाद एप पर वॉच नाऊ का ऑप्शन था, जिसके जरिए लोग बिना डीवीडी के सीधे अपने पसंद की फिल्म देख सकते थे। कंपनी का यह प्रयोग उनके लिए गेमचेंजर साबित हुआ। 

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नेटफ्लिक्स - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

इसके बाद जनवरी साल 2016 में नेटफ्लिक्स ने भारत एंट्री की। इस साल तक कंपनी का दायरा 60 देशों में पहुंच चुका था। लेकिन आज तक नेटफ्लिक्स को भारत में उम्मीद के मुताबिक सब्सक्राइबर नहीं मिल पाए। कोरोना काल में ओटीटी की बढ़ती लोकरप्रियता की भी नेटफ्लिक्स को भारत में कोई फायदा नहीं हुआ। दरअसल, भारत में शुरू होने के बाद भी नेटफ्लिक्स पर ज्यादातर बाहरी शो ज्यादा आते थे,  जिससे भारतीय दर्शक का रुझान इसकी तरफ बढ़ नहीं सका। ओटीटी पर बिंज वॉचिंग का कल्चर भी नेटफ्लिक्स ही लेकर आया। पहले जहां एक के बाद दूसरे एपिसोज के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। वहीं, बिंच वॉच की शुरुआत के साथ ही एकसाथ सारे एपिसोड रिलीज करने का चलन शुरू हुआ।

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नेटफ्लिक्स - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

चीन, क्रीमिया, उत्तरी कोरिया, रूस और सीरिया को छोड़कर पूरी दुनिया  में नेटफ्लिक्स के 22.2 करोड़ पेड सब्सक्राइबर्स हैं। एक जर्नल में प्रकाशित आर्टिकल के मुताबिक नेटफ्लिक्स कंपनी की कार्य प्रणाली काफी जटिल है। यहां पर कर्मचारियों पर काफी सख्त नियम लागू होते हैं, जिसकी वजह से यहां काम करने वाले लोग इसे प्रेशर कुकर भी कहते हैं। बढ़ते समय के साथ देश  में भी नेटफ्लिक्स की लोकप्रियता काफी बढ़ गई है। पहले जहां इस प्लेटफॉर्म पर ज्यादातर बाहरी शोज स्ट्रीम किए जाते थे, वहीं अब इस प्लेटफॉर्म पर हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के कई ओरिजिनल कंटेंट भी नेटफ्लिक्स पर मौजूद हैं। 

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