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भारत की इस बेटी की बहादुरी देख पाकिस्तान ने भी किया था सलाम, पर्दे पर सोनम कपूर ने निभाया था किरदार

Sat, 05 Sep 2020 06:36 PM IST
shrilata biswas एंटरनेटमेंट डेस्क, अमर उजाला
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सोनम कपूर, नीरजा भनोट - फोटो : instagram/sonamkapoor
साल 2016 में निर्देशक राम माधवानी ने नीरजा भनोट की कहानी को बड़े पर्दे पर उतारा थी। इसमें सोनम कपूर ने मुख्य किरदार निभाया था। फिल्म का नाम भी नीरजा ही रखा गया। इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म का राष्ट्रीय अवॉर्ड मिला था। नीरजा भनोट ने आज ही के दिन यानी पांच सितंबर को इंसानियत को बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। उनकी पुण्य तिथि पर हम आपको नीरजा की कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं जो हर किसी के लिए मिसाल है।
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नीरजा भनोट - फोटो : instagram/sonamkapoor
सात सितंबर 1963 को नीरजा का जन्म हरीश और रमा भनोट के घर चंडीगढ़ में हुआ था। माता पिता की लाडली नीरजा को उनके घर पर लाडो के नाम से बुलाया जाता था। नीरजा की पढ़ाई पहले चंडीगढ़ और फिर मुंबई में हुई। मुंबई में पढ़ाई के दौरान ही उन्हें मॉडलिंग के ऑफर मिलने लगे। नीरजा कई बड़ी कंपनियों के विज्ञापन में दिखीं।
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नीरजा भनोट - फोटो : instagram/sonamkapoor
19 साल की उम्र में नीरजा की शादी एक मरीन इंजीनियर से कर दी गई। शादी के बाद वह शारजाह, यूएई शिफ्ट हो गईं। वहां उन्हें घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा। दो महीने तक ये सब सहने के बाद नीरजा ने अपने पति को छोड़ दिया और वापस मुंबई आ गईं। इसके बाद उन्होंने फ्लाइट अटेंडेंट का करियर चुना।

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रमा भनोट के साथ सोनम कपूर - फोटो : instagram/sonamkapoor
नीरजा की मां रमा भनोट ने बताया है कि एक बार जब नीरजा ने उनसे पूछा कि 'मां अगर मैं कभी हाईजैक जैसी किसी परिस्थिति में फंस गई तो मुझे क्या करना चाहिए?' तब उनकी मां ने कहा था, 'अगर ऐसा कुछ हुआ तो भाग जाना।' इस पर नीरजा ने काफी विश्वास के साथ अपनी मां से कहा था, 'तुम्हारी जैसी मां होंगी तो देश का क्या होगा? मर जाऊंगी लेकिन भागूंगी नहीं।' अपनी इस बात को नीरजा ने सच कर दिखाया।  
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फिल्म नीरजा में सोनम कपूर - फोटो : instagram/sonamkapoor
पांच सितंबर 1986 को Pan AM 73 फ्लाइट को कराची एयरपोर्ट पर आतंकियों ने हाईजैक कर लिया था। ये फ्लाइट मुंबई से अमेरिका जा रही थी। फ्लाइट में 380 यात्री और 13 क्रू मेंबर्स थे। नीरजा भनोट इसी फ्लाइट में अटेंडेंट थीं। हाईजैक का पता चलते ही नीरजा ने कॉकपिट में बैठे पायलट्स को अलर्ट किया। उस दिन नीरजा ने अपनी सूझबूझ से कई यात्रियों की जान बचाई। 
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फिल्म नीरजा में सोनम कपूर - फोटो : instagram/sonamkapoor
काफी देर बाद परिस्थितियों का फायदा उठाकर नीरजा ने यात्रियों को प्लेन के आपातकालीन द्वार से बाहर निकालना शुरू किया। अंत में जब नीरजा के फ्लाइट से उतरने का मौका आया, तब उन्हें प्लेन में तीन बच्चे फंसे दिखे। वह बिना डरे उन बच्चों को बचाने चली गईं। बच्चे तो बच गए, लेकिन नीरजा को आतंकियों ने मार डाला। तब नीरजा सिर्फ 22 साल की थीं।
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नीरजा भनोट, सोनम कपूर - फोटो : instagram/sonamkapoor
नीरजा की इस बहादुरी के लिए उन्हें अशोक चक्र से नवाजा जा चुका है। नीरजा ये सम्मान पाने वाली देश की पहली सबसे कम उम्र की महिला हैं। इतना ही नहीं, नीरजा को भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान ने भी 'तमगा-ए-इंसानियत' सम्मान से नवाजा है। साल 2004 में भारतीय डाक ने उनकी तस्वीर के साथ डाक टिकट भी जारी किया।
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