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Nazir Hussain: आजाद हिंद फौज के सिपाही थे नजीर हुसैन, फिर कैसे बने फादर ऑफ भोजपुरी सिनेमा

Mon, 15 May 2023 08:27 AM IST
दीक्षा पाठक एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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नजीर हुसैन - फोटो : अमर उजाला

हिंदी सिनेमा ने दर्शकों को एक से बढ़कर एक दिग्गज अभिनेताओं से रूबरू कराया है। इन्हीं में एक नाम नजीर हुसैन का भी आता है। नजीर अभिनय के भगवान के नाम से भी जाने जाते है। अदायगी में उनसे बेहतर आज भी किसी को खोज पाना संभव नहीं है। अभिनेता हमारे बीच तो नहीं रहे, लेकिन उनकी फिल्मों ने आज भी उन्हें सबके बीच अमर किया हुआ है। तो आज नजीर के जन्मदिन के अवसर पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से।

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नजीर हुसैन - फोटो : सोशल मीडिया

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नजीर का जन्म  15 मई 1922 को हुआ था। नजीर हुसैन एक बेहतरीन अभिनेता थे। इसमें कोई दो राय नहीं है कि नजीर ने हमेशा अपने अभिनय से सबको अपना दीवाना बनाया है। आपको बता दें कि नजीर न केवल एक अच्छे कलाकार थे, बल्कि एक अच्छे लेखक भी थे। नजीर ने देश की आजादी में बेहद ही अहम भूमिका निभाई है।

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नजीर हुसैन - फोटो : सोशल मीडिया
हिंदी सिनेमा के अलावा नजीर को भोजपुरी सिनेमा का पितामह भी कहा जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि भोजपुरी सिनेमा नजीर हुसैन की ही देन है। यानी अभिनेता ने ही भोजपुरी सिनेमा की शुरुआत की थी। नजीर ने अपने शुरुआती दिनों में फायर मैन के रूप में रेलवे में काम किया था। इस दौरान दूसरा विश्व युद्ध छिड़ गया और वह ब्रिटिश सेना में शामिल हो गए। इसके बाद साल 1943 में जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज का निर्माण किया तो नजीर उनकी सेना में एनआईए के रैंकों में शामिल हो गए। इस तरह देश की आजादी में नजीर का बेहद अहम योगदान है।

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नजीर हुसैन - फोटो : सोशल मीडिया

स्वतंत्रता की लड़ाई में अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाने पर नजीर को एक बार फांसी की सजा भी सुनाई गई थी। नजीर को लाल किले में फांसी दी जाने वाली थी, लेकिन रास्ते में ही दोस्तों ने अंग्रेजों की गाड़ी पर हमला कर उन्हें बचा लिया और उन्हें दोबारा जेल में डाल दिया गया था। 

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नजीर हुसैन - फोटो : सोशल मीडिया

सन् 1947 में जब देश को आजादी मिली तो नजीर को जेल से रिहा कर दिया गया था। जेल से रिहा होने के बाद नजीर ने कला की ओर रुख किया और नाटकों का मंचन करना शुरू कर दिया था। साल 1950 में पहली बार नजीर ने  फिल्म 'पहला आदमी' के संवाद लिखे। यही नहीं, इस फिल्म में नजीर ने डॉक्टर का किरदार भी निभाया था। इसी के साथ धीरे-धीरे नजीर लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बनते गए।

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