घूमकेतू
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म के निर्देशक पुष्पेंद्र मिश्रा का कहना है कि ये लखनऊ के एक महत्वाकांक्षी लेखक की कहानी है जो अपने सपने पूरे करने के लिए सपनों की नगरी मुंबई में आता है। पुष्पेंद्र कहते हैं, 'यह कहानी आज भी लोगों को अपने से जोड़ती है। मैं झूठ नहीं बोलूंगा। इतने दिन से यह फिल्म अटकी पड़ी थी, इसका मुझे बहुत दुख है और मुझे बुरा भी लग रहा है। इस तरह की जब चीजें होती हैं तो लोग गलत सोचते ही हैं लेकिन मुझे अपनी फिल्म पर कोई भी संदेह नहीं है।'