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पीएम मोदी की आलोचना करने वाले पत्र पर बोले नसीरूद्दीन शाह- 'मैंने लोगों की बहुत गालियां सुनी हैं'

Sat, 12 Oct 2019 09:11 PM IST
anand anand एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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naseeruddin shah - फोटो : you tube
फिल्म मेकर, लेखकों और थियेटर कलाकारों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लिखे पत्र का मामला काफी समय से सुर्खियों में हैं। बीते दिनों देश के सांस्कृतिक समुदाय की 180 से अधिक हस्तियों ने पीएम मोदी को पत्र लिखने पर 49 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के मामले की निंदा की है। इन लोगों में अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, सिनेमेटोग्राफर आनंद प्रधान, इतिहासकार रोमिला थापर और सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर शामिल हैं। इस बीच इस पूरे विवाद पर पहली बार नसीरुद्दीन शाह का बयान आया है। 
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naseeruddin shah - फोटो : file photo
शनिवार को नसीरुद्दीन शाह मुंबई में आयोजित हुए नौंवे एडिशन ऑफ इंडियन फिल्म प्रोजेक्ट में पहुंचे। यहां उन्होंने अभिनेता आनंद तिवारी से बात की। आनंद तिवारी ने नसीरुद्दीन शाह से पीएम मोदी के खिलाफ पत्र को लेकर बात की। इस पर नसीरुद्दीन शाह ने कहा 'मुझे लगता है, जो मैंने कहा वो कहना बहुत जरूरी था। मैं अपने बयान पर कायम हूं। मैंने उन लोगों से बहुत गालियां सुनी हैं, जिनके पास कुछ या बेहतर काम करने के लिए नहीं है। इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ा लेकिन जो परेशान करने वाला है वो ये खुली नफरत है'।
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Naseeruddin Shah - फोटो : file photo
बीते दिनों बिहार के मुजफ्फरपुर में फिल्मकार अपर्णा सेन, अडूर गोपालकृष्णन और इतिहासकार रामचंद्र गुहा सहित 49 लोगों पर पीएम मोदी के खिलाफ पत्र लिखाने पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। साथ ही उनके पत्र लिखने को राजद्रोह बताया था। आनंद तिवारी ने नसीरुद्दीन शाह ये भी पूछा कि देश में चल रहे सामाजिक-राजनीतिक मौसम से फिल्म इंडस्ट्री के साथ उनके रिश्तों पर क्या असर पड़ा है ? इस पर नसीरुद्दीन शाह ने जवाब में कहा, 'मेरा इंडस्ट्री से कभी किसी भी मामले में करीबी नाता नहीं रहा है और मुझे नहीं लगता कि इसके चलते मेरे स्टैंड पर कोई प्रभाव पड़ा है क्योंकि मुझे कभी ज्यादा काम का ऑफर ही नहीं किया गया है'।

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Naseeruddin Shah - फोटो : file photo
गौरतलब है कि तीन महीने पहले फिल्म मेकर, लेखकों और थियेटर कलाकारों ने देश में बढ़ रही भीड़ हिंसा के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पत्र लिखा था। जिसमें ऐसे घटना की आलोचना की थी। इसके बाद बीते सात अक्टूबर एक बार फिर से इन हस्तियों ने पत्र लिखा, जिसमें पूछा था कि आखिर प्रधानमंत्री को खुला पत्र लिखना किस तरह से राजद्रोह हो सकता है।
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naseeruddin shah - फोटो : file photo
इन लोगों ने पीएम मोदी को पत्र लिख पूछा कि क्या हमारे सांस्कृतिक समुदाय के इन 49 लोगों के खिलाफ एफआईआर महज इसलिए की गई है क्योंकि आम समाज के सम्मानित सदस्य होने के नाते उन्होंने अपने कर्तव्य को निभाया है। इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया था कि क्या इस काम को राजद्रोह कहा जा सकता है या फिर यह अदालत के दुरुपयोग से लोगों को परेशान करके उन्हें खामोश करने की कोशिश है। इस पर हस्ताक्षरकर्ताओं में लेखक अशोक वाजपेई, जेरी पिंटो, इरा भास्कर, कवि जीत तायल, लेखक शम्सुल इस्लाम जैसे लोगों के नाम भी था। 


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