फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब लाल बहादुर शास्त्री ने कहा था- 'मीना कुमारी जी मुझे माफ करना मैंने आपका नाम पहली दफा सुना है'

Wed, 31 Jul 2019 06:51 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 6
meena kumari

1 अगस्त 1932 को जन्मी मीना कुमारी हिन्दी सिनेमा के पर्दे पर दिखी सबसे दमदार एक्ट्रेसेस में से एक थीं। बेहतरीन अदाकारा मीना कुमारी का जादू भारतीय सिने जगत पर बत्तीस बरसों तक छाया रहा। आंखों में बसे दर्द ने उन्हें ट्रेजडी क्वीन का खिताब दिलाया तो अभिनय की ऊंचाई के दम पर वो कहलाईं भारतीय फिल्मों की पाकीजा। उनके दिल में दर्द था तो बेपनाह मुहब्बत भी। जो कमाल अमरोही की फिल्म 'पाकीजा' में दिखा था।

Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
मीना कुमारी
'पाकीजा' फिल्म की तमाम अन्य ऊंचाइयों के प्रति जब भी जवाबदेही तय की जाएगी, उसमें अभिनय, पटकथा, संवाद, कला-सज्जा, छायांकन और निर्देशन के अलावा संगीत का जिक्र भी किया जाएगा। नवाबी और अवधी संस्कृति को पर्दे पर पेश करने वाली इस संगीतमय फिल्म की गिनती बॉलीवुड की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में होती है। अब जरा सोचिए ऐसी सुपरहिट फिल्म में काम करने वाली अभिनेत्री को कोई न पहचान पाए तो क्या हो। जीहां अपने जमाने की सुपरहिट अभिनेत्री मीना कुमारी को भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री पहचान नहीं पाए थे।
विज्ञापन

3 of 6
मीना कुमारी

दरअसल मुंबई के एक स्टूडियो में लाल बहादुर शास्त्री को 'पाकीजा' की शूटिंग देखने के लिए आमंत्रित किया गया था। महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री की ओर से यहां आने का इतना दबाव था कि शास्त्री जी उन्हें ना नहीं कह पाए और स्टूडियो पहुंच गए। इस बात का जिक्र कुलदीप नायर ने अपनी किताब ''On Leaders and Icons: From Jinnah to Modi'' में किया है। यह किताब नैयर ने पिछले साल अगस्त में अपने निधन से कुछ हफ्ते ही पूरी की थी। 

4 of 6
लाल बहादुर शास्त्री

उन्होंने अपनी किताब में लिखा है- उस वक्त वहां कई बड़े सितारे मौजूद थे। मीना कुमारी ने जैसे ही लाल बहादुर शास्त्री को माला पहनाई। शास्त्री जी ने बड़ी ही विनम्रता से मुझसे पूछा- यह महिला कौन है। मैंने हैरानी जताते हुए उनसे कहा- मीना कुमारी। शास्त्री ने अपनी अज्ञानता व्यक्त की। फिर भी मैंने उनसे सार्वजनिक तौर पर इसे स्वीकार करने की अपेक्षा कभी नहीं की थी।’’ 

विज्ञापन

5 of 6
लाल बहादुर शास्त्री - फोटो : INC.IN
आगे नैयर लिखते हैं कि ये उन्होंने ये कभी नहीं सोचा था कि शास्त्री जी यह बात पब्लिक में पूछेंगे। हालांकि मैं शास्त्री जी के इस भोलेपन और ईमानदारी से बेहद प्रभावित हुआ था। आगे नैयर लिखते हैं- बाद में लाल बहादुर शास्त्री ने अपनी स्पीच में मीना कुमारी को संबोधित करते हुए कहा था- मीना कुमारी जी...मुझे माफ करना मैंने आपका नाम पहली दफा सुना है। हिंदी सिनेमा की खुबसूरत अभिनेत्री जो उस वक्त देश के लाखों दिलों की धड़कन थी। पहली पंक्ति में स्थिर बैठी थी और शर्मिंदगी का भाव उनके चेहरे पर था।’’ 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
मीना कुमारी

जब-जब भारतीय फ़िल्मों का इतिहास लिखा जाएगा, 'पाकीजा' का जिक्र जरूर होगा। इस फिल्म में योगदान राज कुमार साहब का भी है, अशोक कुमार का भी है और नादिरा का भी है, लेकिन तीन नाम हमेशा ज़िंदा रहेंगे, मीना कुमारी, कमाल अमरोही और पाकीज़ा। असफल शादीशुदा रिश्ता और पिता से भी खराब रिश्तों के कारण मीना कुमारी काफी ज्यादा शराब पीने लगीं और इससे उनकी सेहत लगातार बिगड़ती चली गई। अंतत: 31 मार्च 1972 को लीवर सिरोसिस के कारण उनकी मौत हो गई।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें