मार्क एंटनी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
किसी भी फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट दिए जाने के लिए निर्माता को एक तयशुदा राशि के साथ फिल्म की कॉपी, इसके पोस्टर और प्रचार सामग्री के साथ फिल्म की पूरी स्क्रीन स्क्रिप्ट (जैसा परदे पर दिख रहा है) जमा करानी होती है। इसके बाद बोर्ड के सदस्यों में से बनी समिति इसे देखती है और फिल्म की सामग्री के अनुसार इसे यू, ए या यूए सर्टिफिकेट जारी करने की संस्तुति करती है। फिल्म के मुख्य कलाकार विशाल ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर ये आरोप लगाया कि इस फिल्म का हिंदी संस्करण तय तारीख पर तब जाकर रिलीज हो सका जब इसके लिए रिश्वत देकर सेंसर सर्टिफिकेट हासिल किया जा सका।