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B'Day Spl: एक्टिंग स्कूल में 4 बार फेल, पत्नी छोड़ भागी, आज हैं टॉप स्टार

Mon, 24 Apr 2017 01:01 PM IST
amarujala.com- Written by : भ्ाावना श्ार्मा
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मनाेज बाजपेयी
नेशनल अवॉर्ड विनर मनोज बाजपेयी आज हिंदी सिनेमा की जानी-मानी हस्ती बन गए हैं। आज मनोज अपना 48वां बर्थडे सेलीब्रेट कर रहे हैं। अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाने वाले मनोज बाजपेयी को बॉलीवुड में जगह बनाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा था। आइए जानते हैं मनोज कैसे बिहार के छोटे से गांव नरकटियागंज से निकलकर बॉलीवुड के भीखू महात्रे बन गए। 
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स्टार बनने के बाद भी खेती करते हैं मनोज बाजपेयी, एक्टिंग स्कूल में चार बार हुए थे फेल

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मनाेज बाजपेयी
मनोज को बचपन से ही एक्टिंग करने का शौक था। शुरुआती पढ़ाई के बाद वो 17 साल की उम्र में ही दिल्ली आ गए थे। यहां आने के बाद उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में अप्लाई किया। लेकिन चार बार वो फेल हुए। लेकिन मनोज ने हार नहीं मानी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान वो लगातार थिएटर भी करते रहे। 
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स्टार बनने के बाद भी खेती करते हैं मनोज बाजपेयी, एक्टिंग स्कूल में चार बार हुए थे फेल

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मनाेज बाजपेयी
मनोज ने दिल्ली के रामजस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद पैसा कमाने के लिए उन्होंने 'सलाम बालक ट्रस्ट' में टीचर की नौकरी करना भी शुरू कर दिया। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में तो एडमिशन नहीं मिला लेकिन मनोज ने बैरी जॉन की ‌एक्टिंग एकैडमी ज्वॉयन कर ली। साल 1994 में मनोज ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी।

स्टार बनने के बाद भी खेती करते हैं मनोज बाजपेयी, एक्टिंग स्कूल में चार बार हुए थे फेल

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मनाेज बाजपेयी
फिल्म 'द्रोहकाल' में उन्हें एक मिनट का रोल दिया गया था। इसके बाद उन्हें शेखर कपूर की फिल्म 'बैंडिट क्वीन' में एक डकैत का छोटा सा रोल मिला था। मनोज को 1998 में आई राम गोपल वर्मा की फिल्म 'सत्या' से पहचान मिली। इस फिल्म में मनोज ने भीखू महात्रे का किरदार निभाकर बॉलीवुड में अपने लिए जमीन तैयार कर ली थी।
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मनाेज बाजपेयी
इस फिल्म के लिए मनोज को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था। इसके बाद तो मनोज के पास डायरेक्टर्स की लाइन लगने लगी। मनोज ने एक के बाद एक 'कौन', 'शूल', 'जुबैदा', 'अक्स' और 'रोड' जैसी फिल्मों में बेहतरीन अदाकारी की। फिल्‍म 'पिंजर' के लिए मनोज को स्पेशल जूरी नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया था। 
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मनाेज बाजपेयी
इसके बाद 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के सरदार खान के किरदार को दर्शकों ने काफी सरहा। 'राजनीति', 'तेवर', 'आरक्षण' और 'जेल' जैसी फिल्मों ने मनोज के करियर को नई उछाल दी। मनोज की पर्सनल लाइफ की बात करें तो वो पांच भाई-बहन हैं। मनोज की छोटी बहन पूनम दुबे 25 सालों से फिल्म ‌इंडस्ट्री में फैशन डिजायनर के तौर पर काम कर रही हैं।
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मनाेज बाजपेयी
मनोज के पिता किसान और मां हाउसवाइफ हैं। एक किसान के बेटे होने के नाते वो छुट्टियों में अपने घर जाकर खेती करते हैं। जब नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से मनोज को रिजेक्ट कर दिया गया था तब वो आत्महत्या करने के बारे में सोचने लगे थे। लेकिन रघुबीर यादव की सलाह के बाद उन्होंने बैरी जॉन की एक्टिंग एकैडमी ज्वॉयन की थी। 
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मनाेज बाजपेयी
मनोज बाजपेयी ने दिल्ली की एक लड़की से शादी की थी। लेकिन उनके स्ट्रगल के दिनों में वो लड़की उन्हें छोड़कर चली गई थी। इसके बाद उनकी मुलाकात एक्ट्रेस नेहा से हुई। नेहा फिल्म 'करीब' में लीड रोल में नजर आई थीं। कुछ सालों तक अफेयर के बाद साल 2006 में मनोज ने नेहा से शादी करली। अब दोनों की एक बेटी भी है। 
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