मनोज बाजपेयी
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एक इंटरव्यू के दौरान मनोज बाजपेयी ने कहा कि आज के समय में माता-पिता अपने बच्चों का सबसे पहले अंग्रेजी मीडियम स्कूल में दाखिला कराते हैं। वह चाहते हैं कि बच्चा सबसे पहले अंग्रेजी सीखे और उसके बाद अगर समय हो तो वह अन्य भाषाएं सिखाने पर ध्यान देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में हिंदी की अनदेखी करने के लिए सिर्फ एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री ही नहीं, बल्कि हमारा समाज भी उतना ही जिम्मेदार है। ऐसे में हम माता-पिता और शिक्षक दोनों के रूप में असफल हैं।