पिछले हफ्ते मंटो समय से रिलीज नहीं हुई और उसे बड़ा नुकसान हुआ। वितरकों और सिनेमाघर मालिकों के अनसुलझे तकनीकी मुद्दे इसका कारण बताए गए। फिर सवाल उठा कि क्या बॉलीवुड के दिग्गज स्टूडियो, वितरक, एक्जिबीटर नहीं चाहते कि इंडी फिल्में ढंग से रिलीज हों। स्वतंत्र निर्माता-निर्देशकों के लिए कंटेंट फिल्मों की रिलीज बड़ी चुनौती है। कितना संघर्ष है इसमें, जानिए इंडी फिल्मों का मुख्य चेहरा कहे जाने वाले मनोज बाजपेयी से...