अल्लु अर्जुन
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दक्षिण भारतीय फिल्मों को हिंदीभाषी प्रदेशों में लगातार मिल रही कामयाबी से मुंबई के सितारों के लिए चुनौती कितनी बढ़ी है? इसके जवाब में मनीष कहते हैं, ‘दक्षिण भारतीय सितारों ने टेलीविजन के सैटेलाइट चैनलों के सहारे अपनी लोकप्रियता देश के हिंदीभाषी राज्यों में बढ़ा ली है। हिंदी भाषी राज्यों के दर्शकों ने दक्षिण भारतीय फिल्मो के इन सितारों को अपना लिया है। लेकिन, हिंदी फिल्मों के सितारों ने कभी ऐसी कोई कोशिश दक्षिण में की ही नहीं। ‘बाहुबली’ जैसी फिल्म हिंदी भाषी राज्यों में 500 करोड़ रुपये कमा ले जाती है और उसके बाद से लगातार दक्षिण भारतीय फिल्में हिंदी राज्यों में अच्छा कारोबार कर रही हैं। ये फिल्में अपने राज्यों में भी खूब हिट होती है। सिर्फ आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में किसी बड़े सितारे की तेलुगु फिल्म का सौ करोड़ रुपये कमा लेना आम बात है। लेकिन, किसी हिंदी सितारे की फिल्म दक्षिण की सारे वितरण क्षेत्रों को मिलाकर भी 25 करोड़ रुपये कमा ले, तो ये चमत्कार सरीखा होगा।’