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B. R. Chopra: 'महाभारत' को घर-घर तक पहुंचाने वाले बीआर चोपड़ा का फिल्मी अफसाना, ब्लैक एंड व्हाइट फिल्मों के थे सरताज

Fri, 22 Apr 2022 07:22 AM IST
निधि पाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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बीआर चोपड़ा - फोटो : सोशल मीडिया
बीते साल कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन के दौरान टीवी चैनल पर रामायाण और महाभारत सीरियल का प्रसारण फिर से हुआ था। दोनों ही सीरियलों ने व्यूज के मामले में सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। पहले के समय में जब लोगों के घरों में टीवी नहीं होता था तब महाभारत के प्रसारण के दौरान पूरा गांव उस शख्स के घर में जुटता था जहां टीवी हुआ करता था। लोग बहुत श्रद्धा भाव से इस सीरियल को देखते थे। इस टीवी सीरियल को मशहूर प्रोड्यूर बी आर चोपड़ा ने बनाया था। फिल्म 'अफसाना' से अपने करियर की शुरुआत करने वाले बीआर चोपड़ा ने महाभारत और विष्णु पुराण जैसे महाकाव्य को सीरियल के रूप में उतारने के लिए ज्यादा जाना जाता है। 22 अप्रैल को बीआर चोपड़ा की 108वीं बर्थ एनिवर्सरी है। तो चलिए इस खास मौके पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ कही और अनकही बातें।

 
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बीआर चोपड़ा - फोटो : सोशल मीडिया
आज भले ही फिल्म इंडस्ट्री एक ऊंचे मुकाम पर पहुंच गई हो, लेकिन एक दौर वह भी था जब न तो ग्लैमर होता था और न ही आइटम सॉन्ग। हालांकि तब भी बहुत से ऐसे निर्देशक होते थे बेहरीन निर्देशन और अपनी अदाकारी के बल पर दर्शकों का दिल जीतते थे। बीआर चोपड़ा उनमें से एक थे। बीआर चोपड़ा का पूरा नाम बलदेव राज चोपड़ा है। इनका जन्म 22 अप्रैल 1914 को तत्कालीन पंजाब के लुधियाना हुआ था। लाहौर यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद 1944 से बी आर चोपड़ा मासिक पत्रिका सिने हेराल्ड से जुड़ गए। 
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बीआर चोपड़ा फिल्म्स - फोटो : सोशल मीडिया
1947 तक सिने हेराल्ड में काम करने के दौरान उन्होंने फिल्म चांदनी चौक बनाना शुरू किया, लेकिन इसी दौरान लाहौर में दंगे भड़कने लगे। तब उनको इस फिल्म की शूटिंग बंद करनी पड़ी। इसके बाद 1947 में विभाजन के बाद पहली बार वह मुंबई पहुंच गए और 1948 में करवट फिल्म का निर्माण किया। हालांकि ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह फ्लॉप हो गई। इसके बाद उन्होंने 1951 में दिग्गज अभिनेता अशोक कुमार के साथ अपनी पहली सफल फिल्म अफसाना का निर्माण किया। जो बॉक्स ऑफिस पर सफल हो गई। 

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महाभारत - फोटो : सोशल मीडिया
साल 1955 में बलदेव राज चोपड़ा ने अपना खुद का प्रोडक्शन हॉउस बीआर फिल्म्स शुरू किया। इस बैनर तले बनी पहली फिल्म 'नया दौर' थी। इस फिल्म में दिलीप कुमार और वैजंतीमाला मुख्य किरदार में थे। इसके बाद उन्होंने गुमराह, साधना, हमराज, कानून, पति पत्नी और वो, निकाह, बाबुल, कर्म, एक ही रास्ता जैसी सुपरहिट फिल्में दीं। साल 1998 में उन्हें भारत सरकार ने सिनेमा के सबसे बड़े अवार्ड दादा साहब फाल्के से नवाजा गया। इसके बाद 2001 में उन्हें सरकार ने कला क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
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महाभारत - फोटो : Mahabharat
1988 में घर-घर में प्रसारित हुए महाभारत से बीआर चोपड़ा को खास पहचान मिली। जिस दौर में ये सीरियल बनाया गया था, तब इसकी लागत करीब 9 करोड़ रुपये आई थी। इस महाकाव्य को सीरियल के रूप में उनके बेटे रवि चोपड़ा ने डायरेक्ट किया था। बीआर चोपड़ा की आखिरी फिल्म 'भूतनाथ' थी। 5 नवंबर 2008 को मुंबई में बीआर चोपड़ा का देहांत हो गया। आज भी लोग इन्हें महाभारत के निर्माता के तौर पर ही जानते हैं और सदियों तक ये नाम बॉलीवुड में कायम रहने वाला है।
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