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मधुबाला के प्यार में पागल था बंबई का ये नामी 'डॉन', हीरोइन की मौत के बाद किया था ये काम

Tue, 23 Feb 2021 01:06 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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मधुबाला और हाजी मस्तान - फोटो : Twitter-@BombayBasanti
हिंदी सिनेमा की खूबसूरत अभिनेत्री मधुबाला की आज पुण्यतिथि है। 23 फरवरी 1969 को दिल की एक बीमारी की वजह से महज 36 साल की उम्र में मधुबाला ने दुनिया को अलविदा कह दिया। वैसे तो मधुबाला के आपने कई किस्से सुने होंगे लेकिन आज हम आपको अंडरवर्ल्ड डॉन के मधुबाला के प्रति प्यार की कहानी बताने जा रहे हैं।
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मधुबाला - फोटो : Vintage Bollywood
वैसे तो ये बात जगजाहिर है कि कई बार बॉलीवुड हीरोइनों का दिल अंडरवर्ल्ड के डॉन पर आ चुका है तो कई बार डॉन भी हीरोइनों की खूबसूरती पर फिदा हो गए। लेकिन आज हम बात करने जा रहे हैं उस अंडरवर्ल्ड डॉन की जो मधुबाला पर जान छिड़कता था। वो मधुबाला को पाने के लिए हर कीमत चुकाने को तैयार था। ये डॉन कोई और नहीं बल्कि बंबई का नामी डॉन हाजी मस्तान था।
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मधुबाला - फोटो : Evergreen.Madhubala Instagram
हाजी मस्तान मधुबाला को बहुत पसंद करता था और उनका दीवाना था। मधुबाला के लिए उसकी दीवानगी इस हद तक थी कि वो उनसे शादी तक करना चाहता था। दोनों के बीच दोस्ती भी थी लेकिन इससे पहले कि वो मधुबाला के लिए अपने प्यार का इजहार कर पाता मधुबाला बीमार होकर इस दुनिया से चल बसीं।

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हाजी मस्तान - फोटो : Twitter
मधुबाला की मौत से जहां हाजी मस्तान को धक्का लगा तो वहीं उनकी मौत से सोना की किस्मत खुल गई थी। सोना हूबहू मधुबाला जैसी दिखतीं थीं। सोना की जब फिल्मों में एंट्री हुई तो मानो ऐसा लगा जैसे मधुबाला वापस आ गई हैं। दोनों के चेहरे-मोहरे से लेकर हंसी और लहजे में इतनी समानता देख फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी गच्चा खा गए थे। सोना के लिए हाजी ने बहुत पैसे खर्च किए, पर उनकी फिल्में नहीं चल पाईं। 


 
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अभिनेत्री मधुबाला - फोटो : ट्विटर
कहते हैं हाजी मस्तान ने कभी किसी पर गोली नहीं चलाई पर अपने अंदाज से अपना रसूख कायम किया था। अब बात करते हैं मधुबाला कि उनके ना सिर्फ दिल में छेद था बल्कि फेफड़ों में भी परेशानी थी। इसके अलावा उन्हें एक और गंभीर बीमारी थी जिसमें उनके शरीर में आवश्यक मात्रा से ज्यादा खून बनने लगता था और ये खून उनकी नाक और मुंह से बाहर आता था। मधुबाला को उनकी बीमारियों ने इस कदर जकड़ लिया था कि नौ सालों तक वो बिस्तर पर ही पड़ी रहीं और आखिरकार एक दिन दम तोड़ दिया।
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