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एक हीरोइन और एक डायरेक्टर की ये है सच्ची लव स्टोरी, बीवी के बेटों ने लिखा इतना खौफनाक द एंड

Fri, 27 Mar 2020 01:39 PM IST
शिप्रा सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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Priya Rajvansh - फोटो : Mumbai, Amar Ujala
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हिंदी सिनेमा वैसे तो हर साल सैकड़ों किस्से परदे पर पेश करता है लेकिन इसके अपने किस्से भी कभी कभी किसी फिल्मी कहानी जैसे हो जाते हैं। ये किस्सा ऐसा है जो 20 साल पहले सामने आया तो इसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को ही नहीं बल्कि पूरे देश दुनिया को हिलाकर रख दिया। अपने जमाने की एक बेहद खूबसूरत हसीना अपने बंगले में बेजान पाई गई। पुलिस ने जांचा परखा तो मामला मर्डर का निकला। तफ्तीश हुई, मुकदमा चला, जिरह हुई और फिर हुई उम्रकैद ऐसे चार लोगों को जिनमें दो पर इन मोहतरमा की देखरेख की जिम्मेदारी थी और दो को कायदे से इन्हें कहना चाहिए था, मां!
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Heer Ranjha - फोटो : Mumbai, Amar Ujala
हीर-रांझा, हंसते जख्म जैसी सुपर डुपर हिट फिल्मों की हीरोइन रहीं प्रिया राजवंश का करियर भले ही छोटा रहा हो, लेकिन उनकी जिंदगी बहुत उतार-चढ़ावों से गुजरी। अंग्रेजों के जमाने में पैदा हुईं। 10 साल की उम्र में बंटवारा झेलना पड़ा। जिस बंदे से मोहब्बत की पूरी जिंदगी सिर्फ उसी की फिल्मों में काम किया। राज कुमार, बलराज साहनी, नवीन निश्चल, धर्मेंद्र, जैकी श्रॉफ जैसे सितारों की मौजूदगी को कैमरे के सामने बस अपनी एक अदा से फीका कर देने वाली प्रिया राजवंश की जिंदगी यूं लगता है कि जैसे किसी जासूसी उपन्यास का किस्सा है।
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Priya Rajvansh - फोटो : Mumbai, Amar Ujala
प्रिया राजवंश का जन्म आज के पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के झेलम में हुआ। घर वालों ने नाम रखा वीरा सुंदर सिंह। जैसा कि उस दौर का चलन था हर डायरेक्टर अपने हीरो या हीरोइन को एक नया नाम देने को ही अपनी मठाधीशी का चमत्कार मानता था तो वीरा सुंदर सिंह बन गईं प्रिया राजवंश। नाम उनको ये दिया मशहूर निर्माता निर्देशक चेतन आनंद ने जिनका उन दिनों हिंदी फिल्मों में अलग ही रूतबा था। उनकी फिल्म नीचा नगर आजादी से साल भर पहले ही कान फिल्म फेस्टिवल का सबसे बड़ा पुरस्कार यानी पाम डिओर यानी सर्वश्रेष्ठ फिल्म का खिताब जीत चुकी थी।

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priya rajvansh - फोटो : twitter
हीरोइनें उन दिनों चेतन आनंद आगे पीछे मधुमक्खियों की तरह घूमती थी और वह फिदा हो गए अपनी प्रिया पर। नाम भी शायद उनको ये इसीलिए पसंद आया। प्रिया को भी सिनेमा में एक ढंग का मुकाम चाहिए था। अतीत तब तक उनका उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से तबाह कर चुका था। वह बचपन से कलाकार बनना चाहती थीं और जब चेतन आनंद जैसा फिल्मकार उन पर रीझा तो उन्हें लगा कि अब जाकर किस्मत उनके दरवाजे पहुंची है।
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bollywood flashback priya rajvansh - फोटो : file photo

वीरा सुंदर सिंह के चेतन आनंद तक पहुंचने का किस्सा भी काफी फिल्मी है। वीरा के पिता पिता सुंदर सिंह जंगलों के बड़े अफसर थे। बंटवारा हुआ तो वह किसी तरह परिवार लेकर शिमला आ बसे। नौ साल की थी वीरा जब उसने अपने स्कूल में एक अंग्रेजी नाटक 'वर्ल्ड विदाउट मेन' में एक्टिंग का अवार्ड जीता। स्कूल से कॉलेज पहुंची और एक्टिंग के इसी शौक ने एक दिन उनकी मुलाकात करा दी मशहूर अभिनेता बलराज साहनी से।

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bollywood flashback priya rajvansh - फोटो : file photo
ये किस्सा भार्गव म्युनिसिपल कॉलेज का है। वीरा के नाटक को देखने के लिए बलराज साहनी आए हुए थे। उनकी नजर जब इस बेहद खूबसूरत हुनरमंद अदाकारा पर पड़ी तो वह बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने वीरा को रॉयल अकैडमी ऑफ ड्रैमेटिक आर्ट यानी राडा, लंदन में दाखिला लेने की सलाह दी। इत्तेफाक से प्रिया के पिता संयुक्त राष्ट्र के असाइनमेंट पर लंदन में ही थे तो वीरा की फिल्मी पढ़ाई भी वहीं शुरू हो गई।
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bollywood flashback priya rajvansh - फोटो : file photo
वीरा इतनी खूबसूरत थी कि हिंदुस्तान से जो भी प्रोड्यूसर डायरेक्टर उन दिनों लंदन जाता तो उससे मिलने जरूर जाता। ऐसे ही एक प्रोड्यूसर रणवीर सिंह की नजर वीरा पर पड़ी और उन्होंने फिल्म 'द लांग डुएल' के लिए वीरा को साइन कर लिया। लेकिन फिल्म बन नहीं पाई। और, यहां कहानी में एंट्री हुई हैंडसम एंड फेमस डायरेक्टर चेतन आनंद की। अभिनेता देव आनंद के भाई चेतन अपनी नई फिल्म के लिए एक नई हीरोइन की तलाश थी। जब रणवीर सिंह ने उन्हें वीरा की तस्वीर दिखाई तो वह पहली नजर में ही अपनी फिल्म और अपना दिल दोनों इस नई लड़की को दे बैठे। उन्होंने वीरा को अपनी फिल्म 'हकीकत' के लिए साइन कर लिया।

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Haqeeqat - फोटो : file photo
वीरा से प्रिया बनकर इस हसीना ने अपना फिल्मी करियर शुरू तो कर दिया लेकिन जो भी हीरो उससे मिलता वो उससे शादी करने के लिए उत्सुक हो जाता। लेकिन प्रिया ने अपना पूरा ध्यान अपने करियर और अभिनय पर लगाया। उन्हें अपनी पहली ही फिल्म 'हकीकत' में धर्मेंद्र और बलराज साहनी जैसे बड़े कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला। यह फिल्म बहुत बड़ी हिट साबित हुई। इस फिल्म की गिनती सर्वश्रेष्ठ वॉर फिल्मों में की जाती है। यहां से प्रिया का करियर परवान चढ़ना शुरू हुआ। 
 

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Chetan Anand and Priya Rajvansh - फोटो : file photo

चेतन आनंद का प्रिया के साथ बहुत गहरा रिश्ता रहा। प्रिया ने अपनी सभी फिल्में चेतन आनंद के निर्देशन में ही कीं। चेतन आनंद की भी तकरीबन सभी फिल्मों में प्रिया ने प्रिया ने काम किया है। फिल्म 'हकीकत' से शुरू हुआ सिलसिला हीर-रांझा, हिंदुस्तान की कसम, हंसते जख्म, साहेब बहादुर और कुदरत से होता हुआ 'हाथों की लकीरें' पर जाकर खत्म हुआ। इसके बाद प्रिया ने अपने फिल्मी करियर को अलविदा कह दिया। प्रिया राजवंश और चेतन आनंद ने कभी शादी तो नहीं की, लेकिन इस रिश्ते की वजह से चेतन आनंद अपनी पत्नी उमा आनंद से अलग हो गए थे। चेतन और प्रिया की उम्र में लगभग 20 साल का फासला था। ये दोनों साथ ही रहते थे। वर्ष 1997 में चेतन के गुजर जाने के बाद प्रिया पूरी तरह टूट चुकी थीं।

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bollywood flashback priya rajvansh - फोटो : file photo
27 मार्च 2000 को चेतन के जुहू वाले बंगले में प्रिया का शव पाया गया। उनकी हत्या की गई थी। पुलिस ने उनकी हत्या के जुर्म में चेतन के बेटे केतन और विवेक आनंद को दो नौकरों माला चौधरी और अशोक चिन्नास्वामी के साथ गिरफ्तार किया। प्रिया की हत्या करने की वजह चेतन की वसीयत बताई गई। प्रिया के लिखे नोट्स और पत्रों को अदालत में सबूत के तौर पर पेश किया गया। इसके बाद चारों दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई। 

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