राम्या कृष्णन
- फोटो : social media
हिंदी सिनेमा में राम्या कृष्णन ने 'दयावन', 'परंपरा', 'खलनायक', 'चाहत', 'बनारसी बाबू' और 'बड़े मियां छोटे मियां' जैसी फिल्मों में अभिनय किया। लेकिन किसी भी फिल्म ने सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और उनके अभिनय को वो पहचान नहीं दी, जिसकी वह हकदार थीं। वह पहले से ही तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री की एक स्टार थीं। यहां वैसी पहचान न मिलने के कारण उन्होंने फिर साउथ का रुख किया। राम्या का कहना है, 'मुझमें साउथ इंडस्ट्री को छोड़कर हिंदी सिनेमा में अपनी लड़ाई लड़ने की हिम्मत नहीं थी। किसी भी इंडस्ट्री में अपनी जगह निश्चित करने और उसमें ज्यादा से ज्यादा फिल्में करने के लिए, आपको एक सफल फिल्म की आवश्यकता होती है। लेकिन दुर्भाग्य से, वह हिंदी में नहीं हुआ और मैं तेलुगू फिल्में करने में सहज थी। इसी कारण मैं वहां चली गई।'