अभिनेता अर्जुन कपूर इन दिनों अपने करियर की नई ऊंचाई पर हैं। वजन अपना उन्होंने और कम कर लिया है। किरदार भी उनके पास अब एक से बढ़कर एक आ रहे हैं। फिल्म ‘सरदार का ग्रांडसन’ की कामयाबी के बाद सबकी निगाहें अब उनकी आने वाली फिल्म ‘भूत पुलिस’ पर टिकी हैं। इस बीच अर्जुन कपूर अपने अतीत के पन्नों को पलट रहे हैं और याद कर रहे हैं, वे दिन जब जीवन उनको कठिन लगता था। मोटापा उनकी पहचान बन चुका था। रोज रोज उड़ाई जाने वाली खिल्ली से वह तंग आ चुके थे और जीवन उन्हें कष्टकारी लगता था। लेकिन, अर्जुन ने फिर अपने नाम की तरह की जीवन का पक्का निशाना साधा। पूरी धुन में इसके लिए मेहनत की। दिन रात पसीना बहाया और अब जो दर्शकों के सामने है वह नया अर्जुन है। वह लोगों की आंखों का दुलारा भी इसीलिए बन पाया है।
अर्जुन मानते भी हैं कि यह बहुत खास अहसास है क्योंकि कुछ साल पहले तक मैं वैसा ही था जिसके लिए लोग मुझे बोलते रहते थे। लेकिन, सफलता मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत महत्वपूर्ण है और इसने मुझे भविष्य के लिए उत्साहित कर दिया है जो अभिनेता के रूप में मुझे अभी देखना है। मैं बेहतर शरीर हासिल कर पाया और मैं इसका श्रेय अपनी मनः स्थिति को देता हूं।’’ अर्जुन के मुताबिक उन्हें अपने मन को सकारात्मक सोच से भरा हुआ रखने के लिए काफी मुश्किल समय देखना पड़ा। वह बचपन से ही मोटापे का शिकार थे भी लंबे समय तक जूझना पड़ा।