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KRK: कश्मीर फाइल्स पर नादव लापिड के बयान का केआरके ने किया समर्थन , बोले- सैल्यूट मिस्टर...

Thu, 01 Dec 2022 05:42 PM IST
शशि सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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केआरके, नादव लापिड - फोटो : social media
विवेक अग्निहोत्री के निर्देशन में बनी 'द कश्मीर फाइल्स' ने हर किसी को भावुक कर दिया था। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी जबरदस्त कमाई की लेकिन हाल ही में यह फिल्म एक बार फिर से चर्चा का विषय बन गई, जब 53वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में इस्राइली फिल्मकार नादव लापिड ने इस फिल्म को वल्गर कहकर बवाल खड़ा कर दिया। हालांकि वह इस पर माफी भी मांग चुके हैं। अब अपने बयानों को लेकर चर्चा में बने रहने वाले कमाल आर खान उर्फ केआरके ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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केआरके - फोटो : सोशल मीडिया
'द कश्मीर फाइल्स' पर नादव लापिड के बयान पर अनुपम खैर और विवेक अग्निहोत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज करवाई है। हालांकि केआरके ने हमेशा की तरह इसके उलट अपनी प्रतिक्रिया दी है। केआरके ने ट्वीट कर लिखा-"आईएफएफआई गोवा के जूरी -प्रमुख नादव लापिड ने कहाः- उन्हें अपने बयान पर पछतावा नहीं है। जब इस तरह की वल्गर फिल्म कश्मीर फाइल्स पर सब चुप हैं तो किसी को तो सच बोलना ही होगा और मैंने वह किया!.." इसके आगे केआरके लिखते हैं "सैल्यूट मिस्टर नादव"। हालांकि हर बार की तरह यूजर्स केआरके से असहमत नजर आ रहे हैं।


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केआरके - फोटो : सोशल मीडिया
एक यूजर ने केआरके के ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा- "बेटा उसने माफी भी मांग ली"। वहीं दूसरे ने लिखा- "आपने साबित कर दिया है कि आप हर समय झूठ बोल रहे थे इसलिए मैं अनफॉलो कर दूंगा और आपके किसी भी वीडियो को देखना बंद कर दूंगा"। इसी तरह से अन्य यूजर भी केआरके को खूब खरी-खोटी सुनाते नजर आ रहे हैं।

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Nadav Lapid - फोटो : सोशल मीडिया
क्या कहा था नादव लापिड ने?
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (आईएफएफआई) में 22 नवंबर को 'द कश्मीर फाइल्स' की स्क्रीनिंग की गई थी इस दौरान फिल्मकार नादव लापिड (जो इस फिल्म फेस्टिवल में जूरी के हेड भी हैं।) ने इस फेस्टिवल में अपनी स्पीच के दौरान कहा, 'फिल्म द कश्मीर फाइल्स से हम सभी परेशान और हैरान थे। यह मुझे एक प्रचार और वल्गर फिल्म की तरह लगी, जो इस तरह के प्रतिष्ठित फिल्म समारोह के कलात्मक प्रतिस्पर्धी वर्ग के लिए जरूरी नहीं है। मैं यहां पर आपके साथ इन भावनाओं को खुले तौर पर साझा करने में पूरी तरह से सहज महसूस कर रहा हूं। इस उत्सव की भावना में, हम निश्चित रूप से एक आलोचनात्मक चर्चा को भी स्वीकार कर सकते हैं, जो कला और जीवन के लिए आवश्यक है।'
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