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किस्सा: काजोल ने कहा बहुत ही सख्त मां थीं तनुजा, इन-इन चीजों से बचपन में खाई मार

Tue, 21 Sep 2021 10:10 PM IST
तान्या अरोड़ा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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काजोल - फोटो : Instagram
काजोल बॉलीवुड की सबसे चुलबुली अभिनेत्रियों में से एक मानी जाती हैं। अक्सर काजोल का मस्तमौला अंदाज न सिर्फ फिल्मों में बल्कि असल जिंदगी में भी देखने को मिलता है। काजोल को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वो बचपन में कितनी शरारती रही होंगी। लेकिन उनकी शरारतों को उनकी मां और अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री तनुजा बहुत ही सख्ती के साथ हैंडल किया। तनुजा ने बेटी काजोल की परवरिश में काफी सख्ती दिखाई। इस बात का खुलासा खुद काजोल ने किया था।

इन-इन चीजों से खाई मार

काजोल ने इस पुराने किस्से का खुलासा करते हुए बताया कि उनकी मां गलती करने पर उन्हें कभी रैकेट से तो कभी बैडमिंटन से मारती थीं। कभी-कभी तो बर्तन से भी काजोल ने मार खाई है। काजोल ने खुलासा करते हुए बताया कि उनकी मां तनुजा का मानना था कि अगर बच्चों को मार नहीं पड़ेगी तो वो बिलकुल ही बिगड़ जाएंगे। काजोल ने एक मीडिया बातचीत में अपने बचपन और माता-पिता के अलग होने को लेकर बात की।
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काजोल - फोटो : Instagram
मेरी मां थोड़ी स्ट्रिक्ट थीं

काजोल ने मीडिया से बातचीत के दौरान इस बात का खुलासा करते हुए बताया कि, ‘मेरी मां ने मुझे बहुत प्यार दिया। लेकिन कभी भी मुझे बिगड़ने नहीं दिया। वो बचपन से ही स्ट्रिक्ट थी। इसलिए बचपन में मुझे कभी रैकेट से तो कभी बैडमिंटन से मार पड़ती थी। कभी-कभी तो वो मुझपर बर्तन भी फेंक देती थी। कई-कई बार उन्होंने मुझे चीजें फेंक कर मारी।
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काजोल - फोटो : Instagram
13वें जन्मदिन पर किया ये वादा

काजोल ने आगे बताया कि जब वो 13 साल की हुईं तो उनकी मां तनुजा ने उनसे कहा कि अब मैं तुम पर कभी भी हाथ नहीं उठाऊंगी, लेकिन अगर मुझे लगा कि कही सही करने की जरूरत है तो फिर मैं करूंगी। अब तुम बड़ी हो गई हो। बस वो दिन था तबसे ही मैं अपनी जिम्मेदारियां समझने लगी थी।  

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काजोल - फोटो : Instagram
माता-पिता के अलग होने पर की बात

काजोल ने मीडिया से बातचीत के दौरान ये भी कहा कि, ‘अगर मैं थोड़ी बड़ी हो गई होती तो वो शायद पहले ही अलग हो चुके होते। मेरे माता-पिता दोनों ही बिलकुल अलग इंसान थे। मैं किसी एक को सही या गलत नहीं कह सकती। दोनों का ये फैसला कठिन था। मेरी मां शुरू से ही अनुशासन में रहने वाली थीं और मेरे पिता ने भी कभी उनके फैसले में दखलअंदाजी नहीं की। हमेशा उन्होंने यही कहा कि तुम्हारी मां जो कहती हैं वो तुम्हारे लिए ठीक है’।
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काजोल - फोटो : Instagram
बोर्डिंग स्कूल में घर की याद आती थी

अपने बोर्डिंग स्कूल के अनुभवों पर बात करते हुए काजोल ने बताया, ‘उनका बड़ा मन था कि वो बोर्डिंग स्कूल में जाकर पढ़ें। लेकिन जब वो वहां गईं तो उन्हें घर की याद सताने लगी। वो बोर्डिंग स्कूल में रहकर इतना परेशान हो गईं थीं कि उन्होंने वहां से भागने का मन बना लिया था। लेकिन जब वो वहां से भागकर बस स्टैंड पहुंची तो उन्हें वहां से पकड़ लिया और वापस बोर्डिंग में डाल दिया।
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