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जीते जी जिसके असली हकदार थे कादर खान, मौत के बाद मिलेगा वो सम्मान

Sat, 26 Jan 2019 09:44 AM IST
Mishra Mishra एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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kader khan - फोटो : ट्विटर
बीती 31 दिसंबर को जब अभिनेता-लेखक कादर खान (Kader Khan) का निधन हुआ तो पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। हिंदी सिनेमा की सैकड़ों फिल्मों को अपनी अदाकारी से चमकाने और अपने डायलॉग से सजाने वाले कादर खान को भारत सरकार ने सम्मानित करने की घोषणा की है। उन्हें मरणोपरांत पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
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kader khan
300 से ज्यादा फिल्मों में एक्टिंग और 200 से ज्यादा फिल्मों के संवाद लिखने वाले कादर खान एक बेहतरीन इंसान थे। उन्होंने 44 साल तक बॉलीवुड में काम किया। फिल्मकार के. सी. बोकाडिया ने कहा था कि मरहूम अभिनेता-लेखक को फिल्म उद्योग से वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वह हकदार थे। 
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कादर खान - फोटो : ट्विटर
कादर खान का जन्म अफगानिस्तान के काबुल में हुआ था। कादर खान के जन्म से पहले उनके तीन भाईयों की मौत हो चुकी थी। कादर खान ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'मेरे जन्म के बाद मेरी मां ने मेरे वालिद से कहा कि ये जगह मेरे बच्चों को रास नहीं आ रही है। मां ने मेरे वालिद पर दवाब बनाया और हमारा परिवार मुंबई में आकर बस गया।'

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kader khan
कादर खान का बचपन गरीबी में बीता। उनके माता-पिता का तलाक होने के बाद उनकी मां ने दूसरी शादी कर ली। वह अपने सौतेल पिता के साथ रहने लगे। परेशानियों का सामना करते हुए उन्होंने सीविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उन्हें अभिनय और दूसरों की नकल करने का शौक था, इसका अभ्यास वह घर के पास बने एक कब्रिस्तान में करते थे और वहीं उन्होंने अपनी एक्टिंग को भी निखारा।
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kader khan amitabh bachchan
कादर खान हरफनमौला कलाकार थे। अपने डायलॉग से ही उन्होंने अमिताभ को एंग्रीमैन बनाया। अमिताभ बच्चन और जितेंद्र जैसे बड़े अभिनेताओं को स्थापित करने में कादर खान भी बहुत बड़ा योगदान रहा। उनकी और गोविंदा की जोड़ी को परदे पर काफी पसंद किया गया।
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kader khan
कादर खान को राइटर के तौर पर ब्रेक राजेश खन्ना ने दिया था। उन्हें 'मेरी आवाज सुनो' फिल्म के लिए 1982 में सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखक का पुरस्कार मिला इसके साथ ही 1993 में 'अंगार' फिल्म के लिए उन्होंने सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखक का फिल्म फेयर पुरस्कार भी जीता।
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