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Jiah Khan suicide: बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिया जिया खान की मां को झटका, दोबारा जांच की याचिका खारिज

Mon, 12 Sep 2022 10:42 PM IST
पलक शुक्ला एंटरटेंमेंट डेस्क, अमर उजाला
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जिया खान, राबिया खान - फोटो : सोशल मीडिया
अभिनेत्री जिया खान की कोई भी बात आते ही सबकी आंखें भर आती हैं। कम ही फिल्मों में काम करने के बाद भी बेहद ही कम उम्र में दर्शकों के दिलों में अपने अभिनय के दम पर जगह बनाने वाली जिया को कोई भी नहीं भूल सकता। अभिनेत्री ने महज 25 साल की उम्र में 3 जून 2013 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। लेकिन उनकी मां राबिया खान ने इसे आत्महत्या मानने से इंकार कर दिया था और अभिनेत्री की मौत के पीछे सूरज पंचोली का हाथ बताते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिया खान की मौत के नौ साल बाद भी यह केस चल रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को बॉलीवुड अभिनेता जिया खान की मां राबिया खान की याचिका खारिज कर दी है, जिसमें उन्होंने  नौ साल पुराने मामले की नए सिरे से जांच की मांग की गई थी। 
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जिया खान - फोटो : सोशल मीडिया
राबिया खान द्वारा दायर की याचिका में सोमवार को हुई सुनवाई में बॉम्बे हाईकोर्ट के जज ने जिया खान की मां के केस को खारिज कर दिया। दरअसल,  राबिया खान ने हाई कोर्ट से फिर से मांग की थी कि उनकी बेटी की मौत के नौ साल पुराने मामले की नए सिरे से जांच की जाए। जज ए एस गडकरी और एम एन जाधव ने कहा कि, ' हमें मामले की जांच करने वाली एजेंसी पर भरोसा है।' मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने की थी। केस में जिया खान के प्रेमी अभिनेता सूरज पंचोली पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। 
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जिया खान, राबिया खान - फोटो : सोशल मीडिया
राबिया खान ने हाई कोर्ट में दायर अपनी याचिका में संयुक्त राज्य अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की सहायता से एक स्वतंत्र और विशेष एजेंसी द्वारा मामले की नए सिरे से जांच की मांग की थी। राबिया खान के अनुसार, उनकी बेटी की हत्या कर दी गई थी। उनके अधिवक्ता शेखर जगताप और सारुचिता चौधरी ने तर्क दिया कि मामले की पहले मुंबई पुलिस ने जांच की थी, कुछ खामियों और गलत दृष्टिकोण को देखते हुए, राबिया खान ने उच्च न्यायालय का रुख किया था।
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jiah khan - फोटो : file photo
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, 'हालांकि, केंद्रीय एजेंसी ने भी वही गलतियां कीं और इसलिए मामले की फिर से जांच की जानी चाहिए।' अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता इस तरह की याचिका दायर करके अपने ही मामले को कमजोर कर रही है। सीबीआई की ओर से पेश अधिवक्ता संदेश पाटिल ने अदालत को बताया कि प्रमुख एजेंसी ने मामले की निष्पक्ष जांच की है। कोर्ट ने राबिया खान की याचिका खारिज कर दी और कहा कि वह विस्तृत आदेश बाद में पारित करेगी। 
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