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फिर ट्रोलर्स के शिकार हुए जावेद अख्तर, करना चाहते थे पुलिस अफसर को बर्खास्त

Sun, 12 Aug 2018 08:40 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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javed akhtar
मशहूर गीतकार जावेद अख्तर एक पुलिस वाले को बर्खास्त करने की अपील को लेकर ट्विटर पर ट्रोल हो गए हैं। दरअसल हाल ही में उन्होंने ट्वीट करते हुए एक पुलिस अफसर को बर्खास्त करने की बात लिखी थी, जिसकर उन्हें ट्विटर पर ट्रोल का शिकार होना पड़ा। हालांकि उन्होंने इन ट्रोलर्स को करार जवाब दिया। बता दें कि कुछ ट्विटर यूजर्स ने उन पर पक्षपातपूर्ण और इस्लाम समर्थक बताया था। 
 
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जावेद अख्तर - फोटो : amar ujala
जावेद ने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए लिखा, 'उक्त पुलिस अफसर ने उनके एक गीत का इस्तेमाल करते हुए एक कविता लिखी और कविता में हिंसा और नफरत की बातें ही लिखी थीं, जिसकी उम्मीद एक पुलिस अफसर से नहीं की जाती।' उन्होंने आगे लिखा, 'मेरे लिए यह मायने नहीं रखता कि कोई मुस्लिम है या हिंदू। जो सांप्रदायिक, छोटे, आत्मनिरिक्षण से रहित और हमेशा दूसरों में ही कमी निकालने वाले होते हैं, वो मेरी अवमानना के हकदार हैं। बेशक, तुम उन्हीं में से एक हो।'

 
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जावेद अख़्तर
जावेद अख्तर के इस ट्वीट पर एक अन्य यूजर ने अख्तर के अंदाज में ही ट्वीट करते हुए कहा कि ‘यह मेरे लिए मायने नहीं रखता कि ये जावेद अख्तर हैं या कोई और, जो हमारी सेना के खिलाफ है और सिर्फ हिंदुओं में ही कमियां ढूंढते हैं और हिंदुओं के खिलाफ बोलते हैं। वो मेरी अवमानना के हकदार हैं। बेशक, तुम उन्हीं में से एक हो।’

 

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जावेद अख्तर
इस यूजर के ट्वीट पर जावेद अख्तर ने करारा जवाब देते हुए लिखा, 'मैंने आईएमए, देहरादून के लिए गीत लिखा है। भविष्य के सभी आर्मी अफसर हर समारोह के दौरान इस गीत को ही गाते हैं। बीते साल उन्होंने मुझे भाषण देने के लिए आमंत्रित भी किया था। इस दौरान मेरे संबोधन के दौरान हॉल वरिष्ठ और युवा अफसरों से खचाखच भरा था। सीआरपीएफ और सीआईएसएफ के गीत भी मैंने ही लिखे हैं। अब दफा हो जाओ।'

 
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जावेद अख्तर
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब जावेद अख्तर को सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स का शिकार होना पड़ा है। इससे पहले भी वह कई बार इनका शिकार हो चुके हैं। जावेद अक्सर कई बार सार्वजनिक मंचों पर खुलकर समाज में बढ़ रही नफरत और सांप्रदायिकता पर चिंता जता चुके हैं।
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