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Javed Akhtar: 'एनिमल' फिल्म की आलोचना के बाद जावेद अख्तर का इसके दर्शकों पर कटाक्ष, बोले- असल समस्या ये है

Sun, 24 Nov 2024 10:43 AM IST
रुपाली रामा जायसवाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

जावेद अख्तर संदीप रेड्डी वांगा के निर्देशन में बनी फिल्म 'एनिमल'  की आलोचना कर चुके हैं। अब उन्होंने रणबीर कपूर अभिनीत फिल्म के दर्शकों को लेकर चिंता जाहिर की है। 
 
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जावेद अख्तर - फोटो : सोशल मीडिया
संदीप रेड्डी वांगा के निर्देशन में बनी फिल्म 'एनिमल' साल 2023 की ब्लॉकबस्टर फिल्म्स की सूची में शामिल रही। एक तरफ रणबीर कपूर अभिनीत इस फिल्म ने कई रिकॉर्ड तोड़े तो दूसरी ओर इसे जबर्दस्त ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। फिल्म को महिला विरोधी बताया गया। वहीं, इसमें अनावश्यक हिंसा को लेकर भी विवाद छिड़ गया। रणबीर की मूवी पर मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने कटाक्ष किया था। जावेद अब एक बार फिर इसकी सफलता पर चिंता जाहिर करते हुए इसे खतरनाक बताते नजर आए हैं। 
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जावेद अख्तर - फोटो : सोशल मीडिया

फिल्मों में महिलाओं के चित्रण पर जावेद की दो टूक

एक हालिया इंटरव्यू में जावेद से फिल्मों में महिलाओं के चित्रण और 'एनिमल' जैसी फिल्मों की सफलता के बारे में पूछा गया। उन्होंने जवाब दिया, 'समाज एक रैखिक तरीके से नहीं चलता है। बहुत सारी चीजें एक साथ घटती रहती हैं। हालांकि, जिस तरह कहानियों में कई सबप्लॉट होते हैं, उसी तरह एक मुख्य विषय भी होता है। हमें देखना होगा कि मुख्य विषय क्या है। ये सभी सबप्लॉट हैं- कुछ अच्छे हैं, कुछ बुरे हैं।'
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जावेद अख्तर - फोटो : एक्स

'एनिमल' फिल्म पर कही ये बात 

जावेद अख्तर ने अपनी बात में जोड़ा, 'ऐसा नहीं है कि पूरा समाज एक साथ पूरी तरह बदल जाता है। कुछ लोग बहुत छोटे और झिझकते हुए कदम उठाते हैं, जबकि अन्य तेजी से कदम बढ़ाते हैं। जानवर भी मौजूद हैं।' यह बताते हुए कि रणबीर कपूर अभिनीत फिल्म के लिए क्या कारगर रहा, उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, 'शीर्षक आपको बताता है कि क्यों। शीर्षक से सबकुछ साफ होता है।'

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जावेद अख्तर - फोटो : एक्स

दर्शकों को लेकर जताई चिंता 

जावेद आगे कहते हैं, 'मैंने एनिमल पर अपनी राय व्यक्त नहीं की, मैंने इसे देखने वाले दर्शकों के बारे में बात की। अगर 15 लोगों ने गलत मूल्यों के साथ फिल्म बनाई है, अगर 10-12 लोग अश्लील गाने बनाते हैं, तो यह समस्या नहीं है। 140 करोड़ की आबादी में 15 लोग भी विकृत हों तो कोई बात नहीं। हालांकि, जब वह चीज बाजार में आती है और सुपरहिट हो जाती है, तो ये समस्या है।'
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जावेद अख्तर - फोटो : X

गानों की अश्लीलता पर भी साझा किया विचार 

अश्लील गानों की अधिकता और इसकी स्वीकृति पर चर्चा करते हुए जावेद ने कहा, '1920 और 1930 के दशक में भी अश्लील गाने थे, लेकिन उन्हें घरों में सामान्य स्वीकृति नहीं मिली। पिछले दस वर्षों में अश्लीलता का अविष्कार नहीं हुआ, यह सदैव से अस्तित्व में है। हालांकि, मध्यम वर्ग में इस तरह की अश्लीलता को स्वीकार्यता नहीं थी, जो अब मौजूद है।'
 

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