इरफान की यादों को शिद्दत से जी रहीं सुतापा
इरफान और सुतापा भले अब एक-दूसरे के साथ नहीं है, मगर इनके प्यार की महक आज भी जस की तस है। इरफान के न होने का गम सुतापा की जिंदगी में अब ताउम्र रहेगा, मगर वे उनकी यादों को बड़ी शिद्दत से जीती हैं। उनके सोशल मीडिया पोस्ट से इसकी झलक मिल सकती है। बीते वर्ष सुतापा ने एक पोस्ट लिखा था, जिसमें कल्पना की थी कि अगर इरफान होते तो साल 2024 में उनके साथ किस तरह की बातचीत होती। काल्पनिक रूप से वे अपने महबूब इरफान से फिल्म 'चमकीला' पर बात करती दिखीं। यह पोस्ट पढ़कर किसी की भी आंखें नम हो जाएं।
बातचीत, दोस्ती और प्यार का एहसास
सुतापा और इरफान के बीच प्यार की शुरुआत बड़े दिलचस्प अंदाज में हुई। इरफान और सुतापा की लव स्टोरी दिल्ली के मंडी हाउस में स्थित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से शुरू हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई, फिर प्यार हुआ और फिर शादी से पहले ही दोनों एक-दूजे को हमसफर मान बैठे। सुतापा और इरफान एक एक्टिंग सेशन के दौरान मिले थे। उस वक्त इरफान जयपुर से आए थे, उन्होंने देखा कि यहां लड़कियां भी दोस्त हो सकती हैं, जिनसे दिल खोलकर बातें की जा सकती हैं। इस दौरान सुतापा उनकी दोस्त बनी। फिल्मों से लकर तमाम मसलों पर दोनों के बीच बातचीत होने लगी।
धर्म परिवर्तन को भी तैयार थे इरफान
इरफान और सुतापा के बीच काफी समानताएं थीं। तमाम मुद्दों पर दोनों का नजरिया एक जैसा रहता। धीरे-धीरे दोनों के बीच की दोस्ती प्यार में बदलने लगी तो दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। दोनों काफी वक्त तक लिव-इन में रहे। दोनों का फोकस अपने-अपने करियर पर था। वे जहां भी जाते लोग पूछते कि क्या वे शादीशुदा हैं? इन सवालों से परेशान होकर आखिर सुतापा और इरफान ने 23 फरवरी 1995 में कोर्ट मैरिज कर ली। एक इंटरव्यू के दौरान इरफान खान ने कहा था कि सुतापा से शादी के लिए वह धर्म परिवर्तन के लिए भी तैयार थे। हालांकि, इसकी जरूरत नहीं पड़ी। सुतापा के परिवार वालों ने इरफान को ऐसे ही अपना लिया था।
धर्म नहीं बना दीवार, दोनों परिवारों ने अपनाया
अपने और इरफान के रिश्ते को लेकर सुतापा ने एक इंटरव्यू में कहा, 'हम बहुत अच्छे दोस्त थे। सिर्फ दोस्त। हम एक दिन कॉलेज की सीढ़ियों पर बैठे थो तो अचानक पर्सनल लाइफ पर बातें करना शुरू किया। सुतापा ने खुलासा किया कि उन्होंने एक-दूसरे को किसी तरह से प्रपोज नहीं किया। सीधे फैसला लिया कि साथ रहेंगे। दोनों का धर्म शादी में दीवार नहीं बना। सुतापा ने कहा, 'मेरे पापा को दिक्कत नहीं थी धर्म से, लेकिन मां को थी कि वो मुस्लिम हैं। मेरे पूरे परिवार में किसी ने धर्म से बाहर जाकर शादी नहीं की थी। लेकिन, मां की तरफ से पाबंदी नहीं थी। एक वजह ये भी रही कि हमने तुरंत शादी नहीं की थी, हमने काफी टाइम लिया। काफी वक्त तक साथ रहे। दस साल तक मेरा उनके (इरफान) परिवार में आना-जाना रहा तो अपने आप एक रिश्ता बन गया उस परिवार में। जगह बना ली अपने लिए। इरफान के परिवार में भी कोई विरोध नहीं हुआ। 1995 में हमने शादी की और हम 1987 से साथ रह रहे थे। यह एक लंबा वक्त था'।
जिस चीज से लोगों को थी शिकायत, सुतापा उसी पर रहीं फिदा
कॉलेज के दिनों में इरफान हर चीज को लेकर काफी उत्सुक रहते। उन्हें नई चीजों के बारे में जानने की जिज्ञासा रहती और काफी सवाल किया करते। बाकी लोग जहां इरफान की इस आदत से परेशान होते, वहीं सुतापा एक्टर की यह बात खूब पसंद करने लगीं। सुतापा ने एक इंटरव्यू में कहा, 'उनके बारे में मुझे जिस चीज ने इंप्रैस किया वो थी, वो बहुत इंटैलेक्चुअल थे'। बॉलीवुड बबल के साथ बातचीत में सुतापा ने एक बार इरफान के बारे में बात करते हुए कहा, 'वे बहुत संस्कारी लड़के थे। बहुत संवेदनशील और गंभीर थे। एनएसडी में वो बहुत फोकस्ड थे अपने गोल को लेकर'।
सुतापा के माता-पिता को बेहद पसंद थे इरफान
सुतापा के मुताबिक, 'मेरे माता-पिता इरफान को मुझसे ज्यादा पसंद करते थे। वे घर आते-जाते थे। वह कोई इकलौते लड़के नहीं थे, जिनके साथ मेरी दोस्ती थी। या पहली बार किसी लड़के से दोस्ती थी। लेकिन, मेरे माता-पिता को वे बहुत पसंद थे। बॉलीवुड बबल के साथ इंटरव्यू में सुतापा ने एक किस्सा भी सुनाया और कहा, 'एक बार मेरी मां ने कॉलेज के दोस्तों को घर बुलाया खाने पर। सारे दोस्त खूब उधम कर रहे थे। कोई छत पर जा रहा था कोई कुछ और कर रहा था। मेरे घर पर किताबों की एक अलमारी थी मेरे भाई की। इरफान जब गए तब भी वहीं बैठे थे और जब खाने के लिए बुलाया गया तब भी वहीं बैठे थे। मेरे माता-पिता उन्हें बहुत पसंद करने लगे'।
इरफान के साथ बिताए 32 जन्मदिन, जिनमें 28 उन्हें याद नहीं रहे
सुतापा यह जिक्र भी कर चुकी हैं कि इरफान बिल्कुल भी मैरिज मटेरियल और हसबैंड मटेरियल नहीं थे। लेकिन बाद में उनका यह नजरिया बदल गया। वे खुद अपना जन्मदिन तक याद नहीं रखते थे। सुतापा ने आगे कहा कि इरफान ने अन्य तरीकों से उनकी ख्वाहिशें पूरी कीं। उन्होंने अपने रिश्ते को शादी के बजाय साझेदारी के रूप में बयां किया। सुतापा के मुताबिक वे और इरफान ऐसे दोस्त थे जो एक-दूसरे के प्रति गहरी समझ रखते थे। इरफान जब अपना ही जन्मदिन याद नहीं रखते थे तो सुतापा का क्या रख पाते। मगर सुतापा ने कभी इसकी शिकायत नहीं की। एक इंस्टाग्राम पोस्ट में सुतापा ने इसका जिक्र भी किया कि 32 साल में इरफान उनके करीब 28 जन्मदिन भूल गए।