हिंदी सिनेमा में स्टार किड्स की नई आमद हुई है 'मैंने प्यार किया' की सुमन यानी भाग्यश्री के बेटे अभिमन्यु की है। अपनी इवेंट कंपनी खोलने के बाद अभिमन्यु फिल्मों में आए और बजाय किसी बड़े प्रोडक्शन हाउस से लॉन्च होने के बजाय उन्होंने चुनी एक अतरंगी फिल्म – 'मर्द को दर्द नहीं होता'। अभिमन्यु से खास मुलाकात।
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Mard Ko Dard Nahi Hota
- फोटो : social media
ताज्जुब इस बात का है कि जब सलमान खान ने नए चेहरों को लॉन्च करने के लिए पूरी खेप तैयार कर रखी है तो आप पर सलमान की नज़र क्यों नहीं गई?
सलमान खान और मेरी मां एक बार किसी शो के लिए बाहर जा रहे थे तो वहीं मैं पहली बार उनसे मिला। लेकिन, मैं सिफारिश से काम पाकर अपनी बोहनी खराब नहीं करना चाहता। अपने पैरों पर खड़े होना मेरे आत्मसम्मान के लिए जरूरी है। मैं 16 साल की उम्र से काम कर रहा हूं। और, आगे भी जो काम करूंगा वही करूंगा जो मेरी काबिलियत से मुझे मिले।
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Abhimanyu Dassani
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मर्द को दर्द नहीं होता के आपके किरदार को दर्द महसूस नहीं होता, लेकिन इस किरदार की तैयारी में तो खूब दर्द हुआ होगा, कुछ बताइए इसके बारे में?
मैं घोड़े की तरह मेहनत करता हूं। इधर उधऱ नहीं देखता। नौ महीने मैंने इस किरदार की तैयारी को दिए हैं। हर दिन नौ घंटे। तीन घंटे सुबह मार्शल आर्ट्स, फिर तीन घंटे शाम को और रात को सोने से पहले स्विमिंग पूल में 20 चक्कर। दिन में योग, जिमनास्टिक्स, हथियारों का प्रशिक्षण लिया करता था। फिल्म शुरू होने से तीन महीने पहले मैं एकांत में चला गया। इन तीन महीनों मेरी सिर्फ वासन बाला से बात होती थी।
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Mard Ko Dard Nahi Hota
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फिल्म को अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में खूब तारीफ और ईनाम भी मिले हैं। आप भी पहली ही फिल्म से बेस्ट एक्टर का खिताब पा गए, इस दौरान कोई याद जो आप अमर उजाला के पाठकों से बांटना चाहें?
लोग कहते हैं कि मैं हिन्दी सिनेमा का पहला कलाकार हूं जिसे पहली ही फिल्म के लिए किसी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट एक्टर का खिताब मिला। डेन्निस टैनोविच बहुत मशहूर फिल्ममेकर हैं वह स्क्रीनिंग के बाद मुझे डिनर पर ले गए। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या सिर्फ हिंदी फिल्मों में ही काम करने का इरादा है? इसके अलावा जब अवार्ड मिला तो मेरा नाम जैकी चैन के नाम के साथ लिया गया। ये सारी यादें हैं जो मैं कभी भूल नहीं सकता।
जैकी चैन के साथ नाम लिया जाना, मतलब हम मान लें कि हिंदी सिनेमा को एक और एक्शन हीरो मिल गया है?
जी हां। यह शायद पहली हिंदी फिल्म होगी जिसके सौ फीसदी स्टंट खुद हीरो ने किए हैं और कहीं भी किसी भी सीन में न कोई डुप्लीकेट है और न ही बॉडी डबल। बहुत मार खाई है मैंने इस फिल्म की शूटिंग में। और, परदे पर मेरे किरदार को हो न हो, हकीकत में हर मर्द को दर्द होता है।