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International Women’s Day 2021: इन 10 फिल्मों में दिखी आज की मर्दानी, दमदार किरदारों से बदला माहौल

Mon, 08 Mar 2021 08:55 AM IST
shrilata biswas अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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पद्मावत, गुंजन सक्सेना, सांड की आंख, राजी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
हिंदी सिनेमा का लंबे समय से सिर्फ अभिनेताओं का ही बोलबाला रहता आया है। अभिनेत्री चाहे जितनी बड़ी हो उसके हिसाब से रोल कम ही लिखे गए। लेकिन, अब ऐसी अभिनेत्रियों की और फिल्मों की तादाद धीरे-धीरे बढ़ रही है जिनमें पूरा फोकस फिल्म की हीरोइन पर होता है। ये नए जमाने की महिलाओं की नई सूरत है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आज हम आपको बताते हैं कि उन चुनिंदा फिल्मों के बारे में जिन्होंने सिनेमा में महिलाओं की सूरत और सीरत बदलने में बड़ा योगदान किया।
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दंगल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
दंगल (2016) 
नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म के लिए ज्यादा चर्चाएं तो मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान की रही लेकिन इसकी कहानी महिलाओं पर ही आधारित है। दरअसल, फिल्म में बताया गया है कि लड़कियां भी आजकल लड़कों से कम नहीं हैं। यह फिल्म हरियाणा के कुश्तीबाज महावीर सिंह फोगाट की बेटियों गीता और बबीता फोगाट के जीवन पर आधारित है। इन दोनों का किरदार फिल्म में क्रमशः फातिमा सना शेख और सान्या मल्होत्रा ने निभाया है। फिल्म में दिखाया गया है कि गीता और बबीता ने देश को गौरवान्वित करने के लिए पहले खुद कितनी परेशानियां झेलीं? इस पुरुष प्रधान समाज में खाना पकाने की बजाय उन्होंने अखाड़े में उतरने की हिम्मत कैसे दिखाई?
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सीक्रेट सुपरस्टार - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सीक्रेट सुपरस्टार (2017) 
अद्वैत चंदन की लिखी और निर्देशित इस फिल्म ने सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी करोड़ों रुपये की कमाई की है। कारण इसका सिर्फ यही है कि इस फिल्म की कहानी आजकल की लड़कियों के लिए एक प्रेरणा है। फिल्म की कहानी एक महत्वाकांक्षी लड़की की है जो एक गायिका बनकर अपना सपना पूरा करना चाहती है। हालांकि उसके पिता इसके पक्ष में नहीं है। उसके सामने सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि वह एक मुस्लिम परिवार में जन्मी है। हालांकि, प्रतिभा तो छिपाने से नहीं छिप सकती। इसलिए वह रहस्यमय तरीके से अपना हुनर दुनिया के सामने लाती है।

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राजी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
राजी (2018)
लड़कियां सिर्फ घरों में काम नहीं कर सकतीं, बल्कि अगर उन्हें मौका दिया जाए तो वह अपनी जान पर खेलकर देश सेवा भी कर सकती हैं। इस फिल्म में सहमत खान का किरदार निभा रही अभिनेत्री आलिया भट्ट ने यही संदेश दिया है। फिल्म की कहानी एक लड़की सहमत की है जो एक अंडर कवर एजेंट है। वह अपने देश की मदद करने के लिए पाकिस्तान के एक अफसर से शादी कर लेती है। फिल्म में सहमत का संघर्ष हर मोड़ पर रहा है। वह अपने देश में भी संघर्ष करती है और जब दुश्मनों के बीच में रहती है तो उसे हमेशा अपनी जान का खतरा बना रहता है।
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पद्मावत - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
पद्मावत (2018) 
बेशक, यह फिल्म देश की सबसे ज्यादा विवादों में रही फिल्मों में से एक है लेकिन इसका संदेश एकदम साफ है। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी देश की महिलाओं का सिर ऊंचा करती है। कहानी बताती है कि अगर देश की महिलाओं पर कोई संकट आता है तो वह खुद अपनी रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति तक दे सकती हैं। यह एक ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म है जिसमें दीपिका पादुकोण रानी पद्मावती के किरदार में हैं जो अपनी आबरू की रक्षा के लिए अपने राज्य की सभी औरतों के साथ जौहर कर लेती हैं।
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सांड की आंख - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सांड की आंख (2019) 
इस फिल्म के दो प्रमुख किरदार चंद्रो और प्रकाशी देश में 60 के दशक की बात बताते हैं। उस समय समाज में पुरुषों का ही ज्यादा बोलबाला था। फिर भी समाज की कुरीतियों को धता बताते हुए इन दोनों ने अपने निशानेबाजी के हुनर को दुनिया के सामने रखा। फिल्म में दिखाया गया है कि इन दोनों ने एक अच्छे कोच की मदद से अपनी निशानेबाजी की प्रतिभा को न सिर्फ निखारा, बल्कि अलग-अलग जगहों पर जाकर कई प्रतियोगिताएं भी जीतीं। फिल्म में तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर मुख्य भूमिकाओं में हैं।
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मणिकर्णिका - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
मणिकर्णिका- द क्वीन ऑफ झांसी (2019) 
अभिनेत्री कंगना रणौत ने हिंदी सिनेमा में महिला प्रधान किरदारों के लिए अपनी अलग पहचान बनाई है। इस फिल्म में वह मणिकर्णिका यानी रानी लक्ष्मीबाई के किरदार में भी नजर आईं और उन्होंने ही कृष के साथ मिलकर इस फिल्म का निर्देशन भी किया। यह फिल्म ब्रिटिश शासन में अंग्रेजों से लोहा लेकर उनके दांत खट्टे करने वाली झांसी की रानी के जीवन पर आधारित है। भले ही इसकी कहानी ऐतिहासिक है लेकिन आज की महिलाओं को उनकी कहानी बहुत प्रभावित करती है।

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मर्दानी 2 - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
मर्दानी 2 (2019) 
यशराज फिल्म्स के बैनर तले वर्ष 2014 में आई फिल्म 'मर्दानी' का यह फिल्म सीक्वल रही। गोपी पुथरण की लिखी और निर्देशित की गई इस फिल्म में रानी मुखर्जी ने शिवानी शिवाजी रॉय की मुख्य भूमिका निभाई है। शिवानी एक पुलिस अफसर है जो समाज में घट रही घटनाओं का अपने तरीके से मुकाबला करती है। शिवानी फिल्म में अपराधी को पकड़ कर उसे सजा दिलाती है। हालांकि, एक महिला पुलिस होने की वजह से वह खुद भी कुछ चुनौतियों से लड़ती है।

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थप्पड़ - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
थप्पड़ (2020)
धीरे-धीरे वह समय भी अब गुजर रहा है जब घरेलू हिंसा में महिलाएं चुप्पी साध जाती थीं। इस फिल्म की कहानी घरेलू हिंसा को ही चिन्हित करती है। फिल्म की कहानी अमृता संधू की है जो अपने पति से एक पार्टी में थप्पड़ खाने के बाद तलाक लेने की जिद करती है। अमृता को उसके सभी सगे संबंधी खूब समझाते हैं। लेकिन, अमृता को लगता है कि बेशक उसके पति ने सिर्फ एक ही थप्पड़ मारा था लेकिन वह नहीं मार सकता। फिल्म में तापसी पन्नू ने अमृता की भूमिका निभाई है।

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शकुंतला देवी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
शकुंतला देवी (2020) 
यह फिल्म ह्यूमन कंप्यूटर कही जाने वाली शकुंतला देवी के जीवन पर आधारित है। फिल्म में शकुंतला देवी का किरदार जानी-मानी अभिनेत्री विद्या बालन ने निभाया है। फिल्म में बताया गया है कि किस तरह शकुंतला देवी ने अपने गांव से निकलकर पूरी दुनिया में एक महान गणितज्ञ के रूप में अपना नाम किया। हालांकि, यह सब करने में उनकी बेटी से उनके रिश्ते खराब हो गए।
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गुंजन सक्सेना - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
गुंजन सक्सेना (2020) 
गुंजन सक्सेना बचपन से ही हवाई जहाज उड़ाने का सपना देखती थीं। हालांकि अपने परिवार और समाज के दबाव की वजह से वह हवाई जहाज तो नहीं उड़ा पाईं लेकिन उन्होंने भारतीय वायु सेना में भर्ती होकर सेना के हेलीकॉप्टर खूब उड़ाए और कारगिल की लड़ाई में हेलीकॉप्टर उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला भी बनीं। फिल्म में गुंजन सक्सेना का किरदार जान्हवी कपूर ने निभाया है। गुंजन की कहानी आज की महिलाओं के लिए बहुत प्रेरणादायक है।
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