सुई धागा
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अनुष्का का मानना है कि ‘सुल्तान’, ‘बैंड बाजा बारात’, ‘एनएच10’, ‘फिल्लौरी’, ‘जब तक है जान’, ‘ऐ दिल है मुश्किल’ और ‘सुई धागा’ जैसी फिल्मों में निभाए उनके किरदारों ने ये दिखाया है कि जिंदगी के फैसले खुद करने के मामले में महिलाएं निडर, साहसी, आत्मनिर्भर, महत्वाकांक्षी और आजाद खयाल हो सकती हैं। अपने प्रोडक्शन हाउस के जरिए भी अनुष्का ऐसी कहानियों को ही तवज्जो दे रही हैं जो महिलाओं को खुद की शर्तों पर जिंदगी जीने वाले इंसान के तौर पर पेश कर सकें।