प्राण, प्राण सिकंद, बस नाम ही काफी है। ऐसा नाम, जो एक बार बड़े पर्दे पर हिट हुआ तो दशकों तक माएं अपने बच्चों का नाम प्राण रखने से कतराती रहीं। गुलशन ग्रोवर जैसे एकलव्य उन्हें अपना द्रोणाचार्य मानते हैं। किरदारों को लेकर मेहनत इतनी कि कभी एक फिल्म में अपनाया गेटअप दूसरी फिल्म में रिपीट नहीं किया। छह दशक लंबे करियर में साढ़े तीन सौ से ज्यादा फिल्में। और, इनमें से यादगार इतनी कि गिनाने बैठों तो सांस फूल जाए। 'मधुमति', 'जिस देश में गंगा बहती है', 'उपकार', 'शहीद', 'पूरब और पश्चिम', 'राम और श्याम', 'जंजीर', 'डॉन', 'अमर अकबर एंथनी' जैसी सुपरहिट फिल्मों में प्राण ने शानदार काम किया। प्राण अपने अभिनय के साथ डायलॉगबाजी में बहुत मशहूर रहे। 12 जुलाई 2013 को ये दुनिया छोड़ गए भारत सरकार से मिलने वाले सिनेमा के सबसे बड़े पुरस्कार दादा साहब फाल्के पुरस्कार के विजेता प्राण के 10 बेहतरीन किरदारों पर आइए डालते हैं एक नजर...