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81 साल के गीतकार संतोष आनंद की लाचारी की म्यूजिक रियलिटी शो में नुमाइश, टीआरपी के लिए कुछ भी करेगा

Thu, 18 Feb 2021 05:44 PM IST
अमरीन हुसैन अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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संतोष आनंद, नेहा कक्कड़ - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

उत्तर प्रदेश का गौरव समझे जाने वाले गीतकार संतोष आनंद को यहां एक टेलीविजन कार्यक्रम में शूटिंग के लिए व्हील चेयर पर लाकर और उनकी लाचारी का प्रदर्शन करके टीआरपी बटोरने की कोशिश पर मुंबई की लेखक व गीतकार बिरादरी ने अफसोस जताया है। फिल्म ‘शोर’ के कालजयी गीत ‘इक प्यार का नगमा है मौजों की रवानी है, जिंदगी और कुछ भी नहीं तेरी मेरी कहानी है..’ समेत दर्जनों भावुक कर देने वाले गीत लिखने वाले संतोष आनंद ने कैमरे के सामने अपनी लाचारी जताई भी और शो बनाने वालों ने उन्हें पांच लाख रुपये की सहायता देकर इसका भरपूर प्रचार भी किया।

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संतोष आनंद, नेहा कक्कड़ - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
मुंबई के एक स्टूडियो में इन दिनों म्यूजिक रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ के 12वें सीजन की शूटिंग चल रही है। अपने जोड़ीदार लक्ष्मीकांत के निधन के बाद संगीतकार प्यारेलाल अक्सर म्यूजिक रियलिटी शोज में अपने हुनर का प्रदर्शन करने जाते रहे हैं। इस बार उनके साथ शूटिंग पर गीतकार संतोष आनंद भी दिखे। शूटिंग पर मौजूद लोगों ने बताया कि जिस हालत में संतोष आनंद को शूटिंग के लिए लाया गया, वह बिल्कुल मानवीय नहीं था। वह सेट पर न लोगों से बात कर पा रहे थे और न ही किसी को ज्यादा पहचान भी पा रहे थे।
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संतोष आनंद - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
गीतकार संतोष आनंद ने अपने करियर में सौ से ज्यादा फिल्मी गीत लिखे हैं। फिल्म ‘रोटी कपड़ा और मकान’ के गीत ‘मैं ना भूलूंगा..’ के लिए उन्हें 1974 में सर्वश्रेष्ठ गीतकार का फिल्मफेयर अवार्ड मिला था। इसके नौ साल बाद 1983 में भी संतोष आनंद को फिल्म ‘प्रेम रोग’ के गाने ‘मोहब्बत है क्या चीज हमको बताओ..’ के लिए दूसरा फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2016 में उन्हें यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया।

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संतोष आनंद
बुलंदशहर के सिकंदराबाद में जन्मे संतोष आनंद को हिंदी सिनेमा में गीत लिखने का पहला मौका फिल्म निर्माता, निर्देशक मनोज कुमार ने फिल्म ‘पूरब और पश्चिम’ में दिया। उनके सुपरहिट गीतों में फिल्म ‘प्यासा सावन’ के गीत ‘तेरा साथ है तो मुझे क्या कमी है’, ‘मेघा रे मेघा रे मत परदेस जा रे..’ और फिल्म ‘क्रांति’ का गाना ‘जिंदगी की ना टूटे लड़ी प्यार कर ले घड़ी दो घड़ी’ जैसे गीत प्रमुख रहे हैं।
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रामलीला मैदान में कवितापाठ करते गीतकार संतोष आंनद। - फोटो : ब्यूरो
यही गीतकार संतोष आनंद यहां चल रही ‘इंडियन आइडल’ की शूटिंग में यूं पेश किए गए जैसे कि वह कोई नुमाइश की चीज हों। शो चूंकि एक बड़े चैनल का है लिहाजा कोई गीतकार या फिल्म लेखक इसपर खुलकर तो कुछ नहीं कह रहा लेकिन अधिकतर ने यही कहा कि इस हालत में उनसे लंबी यात्रा कराना ठीक नहीं है। कोरोना संक्रमण काल में उन्हें सैकड़ों लोगों की यूनिट के बीच बंद स्टूडियो में शूटिंग के लिए ले जाने पर भी लोगों ने अफसोस जताया।
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संतोष आनंद - फोटो : SELF
जानकारी के मुताबिक 81 साल के संतोष आनंद ने कार्यक्रम में आने की मंजूरी सिर्फ आर्थिक वजह से दी। कार्यक्रम में उनकी लाचारी की चर्चा भी कैमरे के सामने खूब की गई और माहौल ऐसा बनाया गया कि शूटिंग देखने वालों की आंखें भर आईं। स्क्रिप्ट के मुताबिक इसी मौके पर शो की जज नेहा कक्कड़ ने भी अपने संवाद पूरी नाटकीयता के साथ बोले और पांच लाख रुपये की मदद संतोष आनंद को दे दी। हां, शो के दूसरे जज विशाल डडलानी ने इतने महान गीतकार की गरिमा बरकरार रखी और कहा कि अगर संतोष आनंद कुछ लिख सकते हों तो वह जरूर उन गीतों को संगीतबद्ध करके उन्हें रिलीज करना चाहेंगे।
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