सिनेमा की दुनिया में अपना उत्कृष्ट योगदान देने वाले अमिताभ बच्चन 11 अक्टूबर को अपना 80वां जन्मदिन मना रहे हैं। अक्सर सदी के महानायक को अपने पिता हरिवंशराय बच्चन की कविताएं पढ़ते देखा जाता है और इसी के साथ अभिनेता अपने पिता की रचनाओं को सहेजने के लिए एक खास काम भी करना चाहते हैं।
अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एक छोटे से शहर के कस्बे से निकलकर मुंबई जैसी माया नगरी में संघर्ष के बाद अपना मुकाम बनाया है। 50 साल से भी अधिक समय से फिल्म इंडस्ट्री में अपना योगदान देने वाले अमिताभ बच्चन 11 अक्टूबर को अपना 80वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस बात से तो सभी परिचित हैं कि अमिताभ बच्चन मशहूर हिंदी कवि हरिवंशराय बच्चन के पुत्र हैं। वह अक्सर अपने पिता की कविताओं को सार्वजनिक मंचो पर पढ़ते नजर आते हैं। हालांकि कम ही लोगों को पता होगा कि अपने पिता की असली संपत्ति यानी उनकी रचनाएं सहेजने के लिए अमिताभ बच्चन एक खास काम करना चाहते हैं।
पिता की रचनाओं के लिए संग्रहालय खोलना चाहते हैं बिग बी!
अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एक बार अपने ब्लॉग में बताया था कि वह हिंदी भाषा की समृद्धि को बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने बताया था कि वह लंबे समय से एक संग्रहालय खोलना चाहते हैं, जहां अभिनेता के पिता के प्रसिद्ध कार्यों को संग्रहीत किया जा सके और जिनका उपयोग शोध कार्य के लिए किया जा सके। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई थी कि हरिवंश राय बच्चन की प्रतिष्ठित रचनाओं को सरंक्षित करने के लिए जल्दी ही संग्रहालय खोलने की योजना को मूर्त रूप दे सकते हैं। हालांकि इस बात को काफी समय हो चुका है लेकिन इस बारे में कोई खास जानकारी सामने नहीं आई है।
कालजई रचनाओं के रचियता थे हरिवंशराय बच्चन
हरिवंश राय बच्चन की कविताएं सभी ने कभी न कभी जरूर पढ़ी या सुनी होंगी। वह एक विरल कवि थे और उन्होंने कलजई रचनाएं की थीं। वह राम कुमार वर्म, रामधारी सिंह दिनकर के समवर्ति कवि कवि थे। हरिवंश राय बच्चन को उनकी रचनाओं के लिए पद्मभूषण तक से नवाजा गया था। कवि हरिवंश राय की लेखनी से निकलीं कविताएं आने वाली पीढ़ी और साहित्य की दुनिया के लिए एक अनमोल खजाना हैं, जिन्हें सहेज कर रखना बेहद आवश्यक है।
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