तीन दशक से भी अधिक समय से कैमरे के पीछे सक्रिय निर्देशक हंसल मेहता की 11 साल पहले रिलीज फिल्म ‘शाहिद’ ने हिंदी सिनेमा में एक नया रास्ता बनाया। उसके बाद से हंसल की बनाई फिल्में मसलन ‘सिटीलाइट्स’, ‘सिमरन’, ‘ओमर्टा’, ‘छलांग’ और ‘फराज’ देश दुनिया में खूब सराही गईं। वेब सीरीज में भी ‘स्कैम’ और ‘स्कूप’ के जरिये हंसल ने कथा कथन के नए मापदंड बनाए हैं। और, अब उनकी नई वेब सीरीज ‘लुटेरे’ ने अपराध कथाओं को कहने का एक नया धरातल खोजा है। हंसल मेहता से ‘अमर उजाला’ के सलाहकार संपादक पंकज शुक्ल की एक एक्सक्लूसिव मुलाकात।