फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुण्यतिथि: दुनिया के संगीत बाजार के फलक पर कैसे चमके गुलशन कुमार

Sun, 12 Aug 2018 10:49 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
gulshan kumar
भगवान शिव के बड़े भक्त माने जाने वाले टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की 12 अगस्त को 21वीं पुण्यतिथि है। साल 1997 में इसी दिन मंदिर के बाहर पेशेवर अपराधी ने उन्हें गोली मार दी थी। ऐसे में जानेंगे कि दिल्ली में जूस बेचने वाला ये शख्स टी-सीरीज जैसी इंटरनेशनल म्यूजिक कंपनी का मालिक कैसे बन गया था..
विज्ञापन

2 of 7
गुलशन कुमार
बता दें कि गुलशन कुमार दुआ का जन्म एक पंजाबी परिवार में साल 1956 में दिल्ली में हुआ था। दिल्ली के मशहूर इलाके दरिया गंज में उनके पिता की एक जूस की दुकान थी जहां गुलशन उनका साथ देते थे। गुलशन ने दिल्ली के देशबंधु कॉलेज से स्नातक की डिग्री भी हासिल की थी। 
विज्ञापन

3 of 7
Gulshan Kumar
लेकिन गुलशन कुमार इस काम से ऊब गए थे। ऐसे में एक दिन उनके पिता चंद्रभान ने एक दुकान और कर ली जिसमें सस्ती कैसेट्स और गाने रिकॉर्ड कर बेचे जाते थे। बस यहीं से गुलशन कुमार ने अपने करियर को हवा देना शुरू कर दिया था। देखते ही देखते गुलशन ने सुपर कैसेट्स के नाम से पहचान बना ली। 

4 of 7
gulshan kumar
इसके बाद तो गुलशन ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक प्रोड्क्शन कंपनी भी खोल ली। धीरे-धीरे वह भक्ति गीत और भजन गाने के चलते लोगों में जगह बना बैठे। गुलशन ने बढ़ते व्यापार को देख आर्थिक और फिल्मी नगरी मुंबई में कदम रखना मुनासिब समझा। 
विज्ञापन

5 of 7
gulshan kumar
मुंबई जाने के बाद गुलशन ने तकरीबन 15 से ज्यादा फिल्में प्रोड्यूस की जिनमें एक फिल्म 'बेवफा सनम' को उन्होंने डायरेक्ट भी किया। उनकी पहली प्रोड्यूस की गई फिल्म साल 1989 में आई 'लाल दुपट्टा मलमल का' थी। लेकिन उन्हें असल पहचान साल 1990 में आई फिल्म 'आशिकी' से मिली। इस फिल्म के गीत आज भी लोगों की जुबां पर रटे हुए हैं। 
विज्ञापन

6 of 7
gulshan kumar

बेहद कम समय में ही ‘टी-सीरीज’ ने संगीत की दुनिया में अपनी धाक जमा ली थी। बता दें कि कंपनी ने ही सोनू निगम, अनुराधा पौडवाल और कुमार शानू जैसे उभरते हुए सिंगर्स को नये मुकाम तक पहुंचाया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
gulshan kumar
जब गुलशन की हत्या हुई तो उससे पहले ही वह म्यूजिक की दुनिया के इंटरनेशनल ब्रान्ड बन चुके थे। फिर टी-सीरीज का नाम टॉप म्यूजिक कंपनियों में भी होने लगा। शायद ही आपको पता हो कि आज टी-सीरीज भारतीय संगीत बाजार में 60 प्रतिशत से भी ज्यादा शेयर पर कंट्रोल रखती है। उनका टर्नओवर 4.2 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा का है और 24 देशों के साथ-साथ 6 महाद्वीप में भी उनका व्यापार फैला हुआ है। जहां तक सवाल भारत का है तो बता दें यहां टी-सीरीज का सबसे बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है जिसमें 2500 से भी ज्यादा डीलर्स शामिल हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें