एक छोटी सी म्यूजिक कैसेट कंपनी से बिजनेस की शुरुआत करने वाले गुलशन कुमार ने म्यूजिक की दुनिया में तहलका मचा दिया था। गुलशन कुमार की म्यूजिक कंपनी टी-सीरीज इस समय बॉलीवुड की सबसे बड़ी म्यूजिक कंपनी है। गुलशन कुमार को कैसेट किंग के नाम से जाना जाता है। दिल्ली के एक छोटे से इलाके से मुंबई पर राज करने वाले गुलशन कुमार की सफलताएं कई लोगों को रास नहीं आईं और 12 अगस्त 1997 को उनकी हत्या कर दी गई थी। उनकी पुण्यतिथि पर गुलशन कुमार की हत्या से जुड़े कुछ पहलुओं को सामने रखने की कोशिश करते हैं।
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12 अगस्त 1997 की सुबह गुलशन कुमार हर रोज की तरह अपने एक नौकर के साथ पूजा की सामग्री लेकर मुंबई स्थित लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स के अपने घर से थोड़ी दूर पर स्थित शिव मंदिर में पूजा करने के लिए निकले। उस दिन उनके साथ उनका बॉडीगार्ड भी नहीं था।
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गुलशन कुमार हर रोज उस मंदिर में आरती करते थे। उस दिन सुबह ठीक 10.40 पर उन्होंने मंदिर में पूजा समाप्त की और जैसे ही अपनी गाड़ी की तरफ बढ़े, लंबे बालों वाला एक अज्ञात व्यक्ति उनके पास आकर खड़ा हो गया और उसने चिल्लाकर कहा- बहुत पूजा कर ली अब ऊपर जाकर पूजा करना।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस बात को बोलते ही उस आदमी ने गुलशन कुमार को गोली मार दी। गोली सीधे उनके सिर पर लगी।
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इसके बाद वहीं मौजूद और 2 अज्ञात लोगों ने उन पर करीब 16 बुलेट की फायरिंग कर दी और उनके शरीर को गोलियों से छलनी कर दिया।
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बाद में इस हत्या का आरोप म्यूजिक कम्पोजर नदीम-श्रवण पर लागाया गया। सूत्रों के अनुसार गुलशन कुमार को मारने के लिए उन लोगों ने शूटर हायर किया था।
हालांकि बाद में विनोद जगताप ने इस हत्या का इलजाम अपने सिर लिया और उसे उम्र कैद की सजा सुना दी गई। कोर्ट ये साबित नहीं कर पाई कि जगताप कोई कॉन्ट्रैक्ट किलर है।