गहराइयां
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बशीर बद्र का शेर है, ‘कुछ तो मजबूरियां रही होगीं, यूं कोई बेवफा नहीं होता’। और, शायद इसी शेर का विस्तार है निर्माता निर्देशक शकुन बत्रा की फिल्म ‘गहराइयां’। फिल्म का करीब पौने तीन मिनट का ट्रेलर हिंदी सिनेमा की कोई बहुत नई कहानी तो नहीं कहता क्योंकि निर्देशकों यश चोपड़ा और विनोद पांडे ने बरसों पहले इस विषय को अपनी फिल्मों में खूब आजमाया और सफल भी रहे। लेकिन, शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान के दौर में बने प्रेम के नए मायनों के बाद उनकी अगली पीढ़ी अब प्रेम में भी अपनी आजादी में तलाश रही है।