परिवार के साथ पंकज त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
पंकज त्रिपाठी ने कहा, "इस पुस्तकालय को अपने पिता पंडित बनारस तिवारी की स्मृति में समर्पित करते हुए, मैं बेलसंड, गोपालगंज के छात्रों के दिलों में ज्ञान और साहित्य के प्रति आजीवन प्रेम पैदा करने की उम्मीद करता हूं। शिक्षा सबसे बड़ा उपहार है जो हमारी आने वाले पीढ़ी को दे सकते हैं और उनकी सीखने की यात्रा में योगदान देना मेरे लिए सम्मान की बात है।"