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Pankaj Tripathi: पंकज त्रिपाठी ने पिता की स्मृति में बनाया पुस्तकालय, पंडित बनारस तिवारी की यादों को संजोया

Mon, 11 Sep 2023 11:55 AM IST
साक्षी पांडेय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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पंकज त्रिपाठी ,पंडित बनारस तिवारी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता और चर्चित अभिनेता पंकज त्रिपाठी इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘फुकरे 3’ की रिलीज की तैयारियों में व्यस्त हैं। उनकी पिछली रिलीज फिल्म ‘ओएमजी 2’ ने उन्हें कमर्शियल सिनेमा के सितारों की अगली कतार में भी ला खड़ा किया है। हाल ही में पंकज के पिता बनारस तिवारी का निधन हुआ है। अपने पिता की यादों को सहेजने के लिए उन्होंने अपने गांव मे स्थित स्कूल में एक नई लाइब्रेरी का उद्घाटन करके अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है।

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पंकज त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
बिहार के गोपालगंज के मूल निवासी पंकज त्रिपाठी पहले उस स्कूल का कायाकल्प करने के मिशन पर हैं जहां उन्होंने अपनी शिक्षा प्राप्त की थी। अपने बड़े भाई के साथ, उन्होंने पंडित बनारस तिवारी फाउंडेशन ट्रस्ट के माध्यम से स्कूल का जीर्णोद्धार कराया है और अपने माता-पिता के सम्मान में स्थापित एक ट्रस्ट के जरिये इसी स्कूल में अब एक लाइब्रेरी भी खोली है। 
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फैन्स के साथ सेल्फी लेते पंकज त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
ट्रस्ट के जरिये पंकज त्रिपाठी ने स्कूल के बुनियादी ढांचे को सुधारने का काम पहले ही पूरा कर लिया है। इसके तहत बिजली के उपकरण मुहैया कराना और पूरे परिसर को पेंटकराना शामिल रहा है। यही नहीं नैसर्गिक विकास के प्रति पंकज त्रिपाठी के समर्पण के कारण पर्यावरण-अनुकूल सौर ऊर्जा पैनलों की स्थापना हुई, जिससे स्कूल की बिजली आपूर्ति और बिजली में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित हुई। 

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पंकज त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
इन सुधारों के अलावा, पंकज त्रिपाठी के साहित्य और पुस्तकों के प्रति गहन प्रेम ने उन्हें स्कूल परिसर के भीतर एक पुस्तकालय के निर्माण के लिए प्रेरित किया। यह पुस्तकालय अब ज्ञान के प्रतीक के रूप में खड़ा है, जो आने वाले वर्षों में छात्रों की पीढ़ियों को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार है। 
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पंकज त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
लाइब्रेरी का उद्घाटन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह पंकज त्रिपाठी के हाल ही में अपने प्रिय पिता को खोने की यादों से जुड़ा है। अपने पिता की स्मृति का सम्मान करते हुए, पंकज ने स्कूल और उसके छात्रों को एक स्थायी उपहार प्रदान किया है, जिसमें सीखने और साहित्य के प्रति प्रेम को बढ़ावा दिया गया है जो समय के साथ कायम रहेगा। 
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परिवार के साथ पंकज त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
पंकज त्रिपाठी ने कहा, "इस पुस्तकालय को अपने पिता पंडित बनारस तिवारी की स्मृति में समर्पित करते हुए, मैं बेलसंड, गोपालगंज के छात्रों के दिलों में ज्ञान और साहित्य के प्रति आजीवन प्रेम पैदा करने की उम्मीद करता हूं। शिक्षा सबसे बड़ा उपहार है जो हमारी आने वाले पीढ़ी को दे सकते हैं और उनकी सीखने की यात्रा में योगदान देना मेरे लिए सम्मान की बात है।"
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पंकज त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
समुदाय के प्रति पंकज त्रिपाठी का समर्पण और शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अनगिनत व्यक्तियों के जीवन को प्रेरित करती रहती है। उनके कार्य करुणा और उस स्थान को वापस लौटाने के मूल्यों का उदाहरण हैं जिसने उनके सपनों को पोषित किया था।

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