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Karan Johar: ‘करण जौहर संग डेब्यू वरदान जैसा...’, ‘माय नेम इज खान’ फेम आदर्श ने बताया क्यों खास हैं डायरेक्टर

सार

Karan Johar Birthday: बचपन की यादों में कुछ चेहरे हमेशा के लिए बस जाते हैं। एक्टर आदर्श गौरव के लिए वो चेहरा है करण जौहर का...लंबा कद, ब्लैक टी-शर्ट, एक स्लीव फोल्ड की हुई, रेड शेड्स और एक स्माइल जो सीधे दिल तक उतर जाए। 

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आदर्श गौरव और करण जौहर - फोटो : इंस्टाग्राम@gouravadarsh, @karanjohar

करण जौहर आज 53 साल के हो गए हैं लेकिन उनके साथ काम कर चुके हर व्यक्ति के लिए वो सिर्फ एक फिल्ममेकर नहीं, एक इंस्पिरेशन हैं। ऐसे ही कुछ किस्से आदर्श गौरव ने अमर उजाला के साथ हालिया बातचीत में साझा किए हैं। लगभग 13-14 साल की उम्र में करण जौहर की फिल्म 'माय नेम इज खान' में आदर्श गौरव ने अभिनय किया था। 

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माय नेम इज खान में आदर्श गौरव - फोटो : Instagram @ Bollywood Ki Baten

पहली मुलाकात: एक यादगार पल
आदर्श गौरव कहते हैं, ‘मुझे पहली बार करण सर से मिलने का मौका तब मिला जब मैं ‘माय नेम इज खान’ के सेट पर था। मैं मुंबई से नहीं था। जब 2007 में मुंबई आया तो आमतौर पर मॉल या सड़क पर कोई बड़ा सितारा दिखता तो अपने दोस्तों को फोन करके बताता था। करण सर से मिलना तो मेरे लिए और मेरी फैमिली के लिए एक इमोशनल मोमेंट था।
मैं उस वक्त छोटा था, जब करण सर मुझे पहली बार मिले तो वे ब्लैक फुल-स्लीव टी-शर्ट में थे, जिसमें उन्होंने एक स्लीव को एल्बो तक फोल्ड किया था। साथ ही काले पैंट और बड़े लाल शेड्स पहने थे। उस वक्त मैंने सोचा था, ‘माय गॉड, ये कितने लंबे हैं... ’ शायद मैं उस वक्त छोटा था, इसलिए ऐसा सोचा।'
पहली बार जब मैं उनसे मिला तो मैं काफी कन्फ्यूज था। हम एक पुराने बंगले के पास शूटिंग कर रहे थे। करण सर मॉनिटर पर बैठे थे और मैं उनके बगल में। वो मुझे सीन की पूरी कहानी समझा रहे थे, जैसे कि इस सीन से पहले क्या हुआ था, ताकि मैं बेहतर एक्टिंग कर सकूं। उन्होंने इतना धैर्य और लगन से मुझे समझाया कि उस वक्त मैं भले ही सब नहीं समझ पाया, लेकिन आज जब सोचता हूं तो पता चलता है कि करण सर काम को कितना दिल से करते हैं।’ 

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करण जौहर  - फोटो : इंस्टाग्राम @karanjohar

करण जौहर की मेहनत और जूनून
आदर्श आगे बताते हैं, ‘मुझे लगता है उन की सबसे बड़ी खूबी उनकी भूख है। मतलब आप जब उनके इंटरव्यू सुनते हैं तो समझ आता है कि उन्होंने अपनी जिंदगी में लगभग हर चीज हासिल कर ली है। फिर भी उनके अंदर वो जुनून, वो हंगर बाकी है कि उन्हें और भी कुछ करना है। ये भूख हर किसी में आसानी से नहीं होती। ये बहुत ही खास और मुश्किल गुण है। उनकी यह इच्छा देखकर लगता है कि सर कभी रुकते नहीं हैं। वे हमेशा नई चीजें सीखने और सिखाने के लिए तैयार रहते हैं।’
जब मैंने उनके साथ काम किया तो उन्होंने मुझ पर इतना भरोसा किया कि मैंने खुद को ही नहीं, बल्कि अपने काम को भी समझना शुरू किया। वे सिर्फ एक निर्देशक नहीं, एक मेंटर भी हैं जो अपने आसपास के लोगों को आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश करते हैं। चाहे वो नए डायरेक्टर हों, एक्टर्स हों या टेक्नीशियन, करन सर हमेशा उन्हें सपोर्ट करते हैं। 

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आदर्श गौरव और करण जौहर - फोटो : इंस्टाग्राम@gouravadarsh, @karanjohar

मेलबर्न में एक खास मुलाकात
आदर्श बताते हैं, ‘पांच महीने पहले हम मेलबर्न फिल्म फेस्टिवल में मिले थे। करन सर ने मुझसे कहा कि वे मेरे काम से बहुत प्राउड फील कर रहे हैं। उस वक्त मैं छोटा था, 13-14 साल का और शायद उस वक्त मैं समझ नहीं पाया था कि मुझे कितना बड़ा मौका मिला है। लेकिन अब जब मैं 30 का हूं, तब ये अहसास होता है कि वो मौका मेरे लिए कितना खास था। जो लोग सालों लगाते हैं बड़ी फिल्म पाने में, मुझे वो मौका इतनी जल्दी मिला। मैं करण सर शुक्रगुज़ार हूं कि उन्होंने मुझ पर भरोसा किया जब मैं खुद भी नहीं जानता था कि मैं क्या कर रहा हूं।’

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आदर्श गौरव - फोटो : इंस्टाग्राम@gouravadarsh

‘माय नेम इज खान’ की खासियत
आदर्श ने बताया, ‘अगर मुझे उनकी कोई एक फिल्म बार-बार देखने का मौका मिले, तो मैं ‘माय नेम इज खान’ को ही चुनूंगा। मैं यह इसलिए नहीं कह रहा कि मैं उसमें था बल्कि इसलिए क्योंकि इसमें एक दिल है, एक ईमानदारी है। शाहरुख खान की परफॉर्मेंस इतनी प्यारी है कि आप बार-बार ये फिल्म देखना चाहते हैं। फिल्म की कहानी, उसका मैसेज और उसकी सादगी सब कुछ बेहद खास है।’

दोबारा मौका मिले तो...
‘अगर मुझे मौका मिले, तो मैं बिना हिचकिचाहट के दोबारा करण सर के साथ काम करूंगा। उनका साथ मिलना मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं।’

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