सुदेश लहरी
- फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया था कि वह गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। बचपन में गुजारा करने के लिए उन्होंने कारखानों से लेकर सब्जी और कुल्फियां तक बेची हैं। इतने संघर्ष के बावजूद उन्होंने अपने अंदर कला को जिंदा रखा। सुदेश को बचपन से ही गाने का शौक था। वह आज भी शोज और अपने यूट्यूब चैनल पर गुनगुनाते हुए नजर आ जाते हैं। गांव में उन्होंने आर्केस्ट्रा में भी काम किया है। वह माइक पर एंकरिंग के साथ लोगों की मिमिक्री भी किया करते थे। सुदेश अब तक कई फिल्मों में नजर आ चुके हैं। फिल्मों का शौक उन्हें बचपन से था। जेब में पैसे न होने के बावजूद वह सिनेमाघरों में फिल्में देख लिया करते थे। इसके लिए उन्होंने बहुत नायाब तरीका निकाला था।
Tv Actors: सेट पर कॉन्ट्रोवर्सी का शिकार हो चुके हैं टीवी के ये सितारे, आखिर में बनानी पड़ी थी सीरियल से दूरी