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ग्लैमर की दुनिया से 2 साल से गायब है ये एक्ट्रेस, इंटरव्यू में खोले दिल के राज

Wed, 10 Apr 2019 11:15 AM IST
Mishra Mishra एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Kavita Verma - फोटो : social media
ग्लैमर की दुनिया के तमाम चमकते सितारे रैंप पर इस सीजन में अपने चहेते डिजाइनर्स के कलेक्शन पेश कर रहे हैं। इन्हीं लाइमलाइट्स का एक चमकता सितारा रही हैं कविता वर्मा। कविता रैंप, प्रिंट और डिजिटल फैशन का जाना माना नाम रही हैं, लेकिन पिछले दो साल से वह ग्लैमर की इस दुनिया से लापता हैं। इस बार फैशन वीक में कविता से तमाम डिजाइनर्स ने संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने किसी से बात नहीं की। काफी छानबीन के बाद अमर उजाला ने कविता को तलाशा और जानने की कोशिश की कि आखिर हुआ क्या है?
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Kavita Verma - फोटो : social media
परिवार के लिए ग्लैमर से दूर
मैं गुरुग्राम की रहने वाली हूं। मेरे पिता भारतीय सेना के रिटायर्ड कर्नल हैं। पिछले दो साल से मैंने अपना पूरी ध्यान उन्हीं पर लगा दिया है। उनकी सेहत मेरी मां के अचानक एक हादसे में गुजर जाने के बाद काफी बिगड़ गई तो मैं उन्हें अपने साथ मुंबई ले आई। नसीरुद्दीन शाह के बेटे विवान के साथ मैंने एक फिल्म की थी, लाली की शादी में लड्डू दीवाना। फिल्म पूरी होने के दौरान ही हमारे परिवार को एक और दुख सहना पड़ा, वह था मेरी बहन की आकस्मिक मृत्यु का। शायद मेरी मां अपनी बड़ी बेटी की अप्राकृतिक मृत्यु का सदमा नहीं झेल पाईं और अपना मानसिक संतुलन खो बैठीं।
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Kavita Verma - फोटो : social media
डिप्रेशन की बात करना जरूरी
हां, मैंने अपने परिवार में हुए इन दोनों हादसों के बारे में इंडस्ट्री में किसी को नहीं बताया। कुछ करीबी लोग ही हैं जो इस बारे में जानते हैं। इस दौरान हम लोगों को करीबी लोगों ने ही काफी परेशान भी किया। मेरे पिछले कुछ साल बहुत ही मानसिक अवसाद में गुजारे हैं। लेकिन, अब मुझे दीपिका पादुकोण जैसी हिम्मत मिली है और इस बारे में बात करने के पहले खुद को तैयार करने में मुझे काफी वक्त लगा। 

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Kavita Verma - फोटो : social media
क्या खोया, क्या पाया
मेरी बहन की असमय मृत्यु हुई तो मैं अपनी फिल्म का प्रचार कर रही थी। मैंने किसी को पता भी नहीं चलने दिया कि मेरे ऊपर क्या गुजर रही है? फिल्म में मेरे काम की तारीफ हो रही थी, मेरे पास कुछ बड़ी फिल्मों के प्रस्ताव भी आए, लेकिन मेरी मानसिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि मैं कुछ कर सकूं। मुंबई, दिल्ली के अलावा मैं बाहर भी फैशन शोज का हिस्सा रही हूं पर जो कुछ मेरे आसपास हो रहा था, उसने मुझे भीतर से काफी नुकसान पहुंचाया।
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Kavita Verma - फोटो : social media
आने वाले कल से उम्मीद
फैशन और सिनेमा में मेरे काम को पसंद करने वाले लोग मुझसे लगातार संपर्क करने की कोशिश करते रहे हैं, पर मैं सबसे दूर हो चुकी हूं। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के बारे में मैंने काफी कुछ पढ़ा है और इसने मुझे हिम्मत भी दी है। मैं भी अब हार नहीं मानूंगी। मैंने योग और ध्यान शुरू किया है। इसका मुझे लाभ भी मिल रहा है। फिल्म इंडस्ट्री में तो लड़किया बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप में ही डिप्रेशन में चली जाती हैं और इसका प्रचार भी खूब करती हैं। लेकिन, मैंने अपने डिप्रेशन के बारे में कभी कुछ नहीं कहा। कथक ने इस दौरान मुझे काफी सहारा दिया। मैं जब भी परेशान होती थी, कथक करने लगती थी। इस दौरान नाचते नाचते मैं गिरी भी और रोई भी। पर, अब मैं अपराजिता हूं। 
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