deepika padukone
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मेहनत के अलावा दूसरा कोई शॉर्टकट नहीं
दीपिका पादुकोण
“जब तक मैंने बैडमिंटन खेला, मेरी दिनचर्या थी, सुबह 5 बजे सोकर उठना, व्यायाम करना, बैंडमिंटन खेलना, स्कूल जाना, लौटकर आकर फिर बैडमिंटन खेलना, पढ़ना और सो जाना। सिनेमा में आने के बाद बस बैडमिंटन की जगह फिल्में हो गई हैं। अब भी मैं हर दिन कम से कम 16 घंटे काम जरूर करती हूं। ये काम फिल्मों की शूटिंग हो, इन्हें लेकर लोगों से मिलना हो या फिर इनकी तैयारी करना हो, मेहनत उतनी ही होती है। मैं नए साल पर यही कहना चाहती हूं कि कामयाबी पाने के लिए मेहनत के अलावा दूसरा कोई शॉर्टकट नहीं है। कामयाब लोगों की तरफ देखते हुए बस ये न देखें कि वह कहां हैं, ये भी देखें कि ये लोग वहां तक कितनी मेहनत करके पहुंचे हैं। उस मेहनत को अपनाना जरूरी है।”