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EXCLUSIVE: श्रृंगारम को याद कर भावुक हुईं अदिति राव हैदरी, बोलीं, सरोज जी के लिए हमेशा हां ही निकली

Fri, 03 Jul 2020 11:21 AM IST
anand anand पंकज शुक्ल, मुंबई
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अदिति राव हैदरी, सरोज खान - फोटो : सोशल मीडिया
मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान के निधन से सिर्फ मुंबई के ही कलाकार और तकनीशियन दुखी नहीं हैं बल्कि अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्मों में काम करने वाले भी व्यथित हैं। अमर उजाला से एक्सक्लूसिव बातचीत में अपनी पहली तमिल फिल्म श्रृंगारम की याद करते हुए अभिनेत्री अदिति राव हैदरी कहती हैं कि सरोज खान ने ही उन्हें मुंबई आकर रहने और यहां अभिनेत्री बनने के लिए प्रेरित किया था। उन्ही के बुलावे पर मैं उनके साथ पेरिस में नृत्य प्रदर्शन करने गई थी।
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सरोज खान - फोटो : ट्विटर
15 साल पहले 53वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सरोज खान का नाम पुरस्कार विजेताओं की लिस्ट में देखकर मुंबई के बहुत सारे लोग चौंके थे। मशहूर अभिनेत्री बी सरोजा देवी उस साल राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के चयन के लिए बनी समिति की अध्यक्ष थीं। उस साल श्याम बेनेगल को मिला था भारत सरकार की तरफ से दिया जाने वाला सिनेमा का सबसे बड़ा सम्मान, दादा साहब फाल्के पुरस्कार और उस साल परिणीता, द ब्लू अम्ब्रेला, रंग दे बसंती जैसी फिल्मों को भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले थे।
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अदिति राव हैदरी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
तमिल फिल्म श्रृंगारम को उस साल तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले। बेस्ट सिनेमैटोग्राफी के लिए मधु अंबट, बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन के लिए लालगुडी जयरामन और बेस्ट कोरियोग्राफी के लिए सरोज खान को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिए जाने का ऐलान किया गया। इस तमिल फिल्म में प्रसिद्ध अभिनेत्री अदिति राव हैदरी ने मधुरा और वर्षिणी के लीड किरदार किए।

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फिल्म श्रृंगारम में अदिति राव हैदरी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अपनी इस फिल्म की याद करते हुए अदिति कहती हैं,  “मुंबई में न होने की वजह से मैं सरोज खान को देखने अस्पताल नहीं जा सकीं। वह एक महान नृत्य निर्देशक थीं और अपने पीछे वह नृत्य की एक समृद्ध विरासत छोड़ गई हैं। सरोज खान उन पहले लोगों में शामिल हैं जिन्होंने मुझ पर मुंबई आकर रहने और यहां अपना करियर संभालने का खूब दबाव बनाया। मैं तब ऐसा करना चाहती भी थी लेकिन मुंबई में ये सब कैसे होगा, ये मुझे पता नहीं था।”
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फिल्म श्रृंगारम में अदिति राव हैदरी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अमर उजाला से एक्सक्लूसिव बातचीत में अदिति बताती हैं, “फिल्म श्रृंगारम के बाद उन्होंने मुझे दो बार बुलाया। एक बार वह मुझे अपने साथ पेरिस ले गईं वहां के मशहूर न्यूट ब्लांच फेस्टिवल के लिए औऱ दूसरी बार उन्होंने एक मराठी फिल्म में मेरा कथक नृत्य शामिल कराया तो उसकी परफॉर्मेंस के लिए उन्होंने बुलाया। उनके लिए मेरे दिल में इतना सम्मान रहा है कि जब भी वह मुझसे कहने को कहतीं, मैं उनके लिए तुरंत हां कर देती थी। कभी उनके लिए मेरे मुंह से ना नहीं निकली।”
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सरोज खान - फोटो : सोशल मीडिया
गौरतलब है कि सिनेमा में बेहतरीन नृत्य निर्देशन के लिए तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने वाली सरोज खान को दो पुरस्कार हिंदी फिल्मों जब वी मेट और देवदास के गानों के लिए मिले, जबकि तीसरा राष्ट्रीय पुरस्कार उन्हें तमिल फिल्म श्रृंगारम के लिए मिला। अभिनेत्री अदिति राव हैदरी की इस तमिल डेब्यू फिल्म में सरोज खान ने ये भी साबित किया कि कलाकार में अगर दम हो तो भाषाएं उसकी सरहद नहीं बन सकतीं।

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