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पर्दे पर 'मां' का किरदार कर मशहूर हुईं ये अभिनेत्री, ऐसे बनीं हिंदी सिनेमा में मिसाल

Sat, 21 Sep 2019 03:28 PM IST
shrilata biswas एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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durga khote - फोटो : social media
हिंदी सिनेमा में मां का किरदार निभाकर मशहूर हुईं दुर्गा खोटे उन हस्तियों में से एक हैं जिन्होंने महिलाओं के लिए नए आयाम बनाए। वो दौर था जब हिंदी सिनेमा में अभिनेत्रियों का कोई स्थान नहीं था। महिलाओं का किरदार भी पुरुष ही निभाया करते थे। ऐसे दौर में दुर्गा खोटे फिल्मों में आईं और बतौर अभिनेत्री के तौर पर अपनी पहचान बनाई। 22 सितंबर 1991 को दुर्गा खोटे ने 86 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया।
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durga khote
18 साल की उम्र में दुर्गा खोटे की शादी एक बेहद अमीर खानदान में कर दी गई थी। दुर्गा के पति का नाम विश्वनाथ खोटे था। दोनों का विवाहित जीवन बहुत अच्छा चल रहा था। दोनों के दो बेटे हुए। विश्वनाथ मैकेनिकल इंजीनियर थे। शादी के दो साल बाद दुर्गा के पति का निधन हो गया। उस वक्त दुर्गा की उम्र 20 साल थी। 
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durga khote - फोटो : file photo
दुर्गा अपने बेटों के साथ ससुराल में रहती थीं लेकिन कुछ समय बाद दुर्गा को लगने लगा कि उन्हें खुद ही कुछ काम करने की जरूरत है। दुर्गा पढ़ी-लिखी थीं। दुर्गा ने पैसे कमाने के लिए सबसे पहले ट्यूशन का सहारा लिया। फिर एक दिन उन्हें फिल्म ‘फरेबी जाल’ में काम करने का प्रस्ताव मिला। फिल्म में दुर्गा का रोल महज 10 मिनट का था।

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durga khote - फोटो : file photo
साल 1932 में दुर्गा खोटे की फिल्म आई थी 'माया मछिन्द्र'। इस फिल्म में दुर्गा ने एक रानी का किरदार निभाया जिसका पालतू जानवर चीता था। इस फिल्म के बाद दुर्गा को अभिनेत्री का तमगा मिल चुका था। दुर्गा ने हिंदी और मराठी के अलावा बंगाली फिल्मों में भी काम किया। दुर्गा के यादगार किरदारों में से एक फिल्म 'मुगल-ए-आजम' में जोधाबाई का किरदार था।
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durga khote - फोटो : file photo
दुर्गा ने अपने दूसरे पति राशिद खान के साथ ‘फैक्ट फिल्म्स’ प्रोडक्शन हाऊस’ के लिए कई शॉर्ट फिल्में बनाईं। दुर्गा खोटे ने लगभग 50 साल फिल्मी दुनिया में काम किया और करीब 200 फिल्में की। उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। उनकी आखिरी फिल्म 'दौलत के दुश्मन' सन 1983 में आई। 
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