इस साल सितंबर से दिल्ली यूनिवर्सिटी का दिल्ली स्कूल ऑफ ट्रांसनैशनल अफेयर्स स्टूडेंट्स के बीच होगा। ये एक अनोखा स्कूल है जिसकी कई खासियत होंगी। इसमें न कोई कोर्स होना न ही कोई क्लासरूम, न कोई मॉड्यूल होगा न ही कोई टीचिंग। दरअसल ये स्कूल एक वर्चुअल नेटवर्क होगा। इस स्कूल में फैकल्टी और छात्र मिलकर ग्लोबल रिसर्च वर्क पर फोकस करेंगे।
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ये भारत का पहला ऐसा ऑनलाइन स्कूल होगा जो डीयू को न सिर्फ देशभर की दूसरी यूनिवर्सिटी से बल्कि विदेशों की भी टॉप यूनिवर्सिटी से जोड़ेगा। इस बारे में बात करते हुए डीयू के अधिकारियों ने बताया कि करीब 10 फॉरन यूनिवर्सिटी स्कूल से जुड़ने के लिए तैयार हो चुकी हैं।
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हाल ही में स्कूल को यूनिवर्सिटी की एग्जिक्युटिव काउंसिल से भी मंजूरी मिल चुकी है, ऐसे में काम अब तेजी पर है। आपको बता दें कि डीयू के अनुसार ये देश का पहला ऑनलाइन रिसर्च स्कूल होगा। इसकी मदद से एमफिल और पीएचडी के छात्र हायर लेवल की रिसर्च में शामिल होंगे।
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इसके साथ ही अंडरग्रैजुएट स्टूडेंट्स को भी इससे जोड़ा जाएगा। डीयू के प्रोफोसर ने बातचीत में बताया कि यह स्कूल सिलेबस और क्लासरूम टीचिंग की लिमिटेशन को दूर करेगा। यह वेबसाइट हायर रिसर्च के लिए एक ओपन मॉडल होगी, जिसकी देश में जरूरत है।
उन्होंने आगे बताया कि भारत अपनी इकॉनमी के जरिए पूरी दुनिया से जुड़ा है। यह एक ग्लोबल लीडर भी है, जिस पर खासतौर पर एशिया के कई देश निर्भर करते हैं। ऐसे में देश को सोशल, पॉलिटिकल, इकनॉमिकल रिसर्च की जरूरत है, जो इंडस्ट्री के साथ आम लोगों से भी जुड़े। इस स्कूल के जरिए हम इन्हीं आयाम पर काम करेंगे।