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Drishyam 2: विजय सलगांवकर ने फिल्म ‘दृश्यम’ में कैसे दिया पुलिस को गच्चा, सीक्वल से पहले समझिए पहली कहानी

Tue, 18 Oct 2022 12:06 PM IST
वर्तिका तोलानी अमर उजाला ब्यूरो, गोवा
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दृश्यम - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
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फिल्म ‘दृश्यम’ की कहानी में 2 अक्तूबर और 3 अक्तूबर की तारीखें एक तरह से अहम किरदार के रूप में हैं। ये दो तारीखें फिल्म की पूरी कहानी में बार बार दोहराई जाती हैं और इसकी वजह है 2 अक्तूबर की रात विजय सलगांवकर के घर में हुआ वो हादसा जिस पर ये पूरी कहानी आधारित है। 31 जुलाई 2015 को रिलीज हुई फिल्म ‘दृश्यम’ की सीक्वेल ‘दृश्यम 2’ अगले महीने रिलीज होने जा रही है। फिल्म ‘दृश्यम’ की कहानी में अपने परिवार को बचाने के लिए चौथी फेल विजय जो भी सबूत गढ़ता है, उन्हें फिल्म ‘दृश्यम 2’ के ट्रेलर लॉन्च के लिए देश भर से गोवा पहुंचे पत्रकारों के सामने दोहराया गया। यहां पत्रकारों ने बस से यात्रा की, स्वामी चिन्मयानंद के प्रवचन स्थल पहुंचे, पाव भाजी खाई और फिर फिल्म भी देखी। चलिए आपको बताते हैं कि फिल्म ‘दृश्यम’ की कहानी में इन सारी घटनाओं की अहमियत क्या है? और, इसकी सीक्वल की कहानी किस सिरे से शुरू होगी...
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दृश्यम - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
फिल्म ‘दृश्यम’ की कहानी 
अजय देवगन, तब्बू, श्रिया सरन, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव और रजित कपूर स्टारर फिल्म ‘दृश्यम’ की कहानी एक ऐसे परिवार की कहानी है जिसका मुखिया विजय सलगांवकर अपने बूते सफल कारोबारी बनता है। वह अनाथ है। उसने शादी से पहले रास्ते पर मिली एक अनाथ बच्ची को गोद ले लिया, उसके एक और बेटी भी है। केबल का कारोबार करने वाले विजय का शौक है अपने दफ्तर में बैठकर फिल्में देखना। इन फिल्मों से ही उसे अन्याय से लड़ने का हौसला मिलता है और जब उसके घर में हादसा होता है तो वह इन फिल्मों के जरिये ही अपने परिवार को बचाने का पूरा मायाजाल रचता है।
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दृश्यम - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
क्या हुआ 2 अक्तूबर को?
फिल्म ‘दृश्यम’ की कहानी के मुताबिक विजय सलगांवकर अपनी बड़ी बेटी को एक ऐसी स्कूल ट्रिप पर जाने की अनुमति देता है जिसमें और भी तमाम स्कूल के बच्चे शामिल होते हैं। यहीं एक युवक उसकी बेटी का नहाते वक्त वीडियो बना लेता है और बाद में उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है। वह विजय की बेटी को 2 अक्तूबर की रात उसके घऱ के पीछे बने आउटहाउस में मिलने को कहता है। बेटी सारी बात अपनी मां को बता देती है और दोनों मिलकर इस युवक को ये वीडियो डिलीट कर देने की विनती करते हैं। युवक इसके चलते बेटी को छोड़ मां की इज्जत पर हाथ डालने की कोशिश करता है और बेटी अपनी मां को बचाने के लिए उसके सिर लोहे की रॉड मार देती है। युवक मर जाता है। दोनों मिलकर उसकी लाश को घर के अहाते में ही कंपोस्ट खाद के लिए बने गड्ढे में दफना देती हैं। ये सब छोटी बेटी देख लेती है।

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दृश्यम - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
युवक की पहचान का खुलासा
विजय सलगांवकर सुबह घर पहुंचता है तो उसे पूरे हादसे का पता चलता है। वह अपने परिवार को घर में ही रुकने की बात कहकर युवक की कार को ठिकाने लगाने निकल जाता है। कार लेकर जाते समय उसे स्थानीय पुलिस स्टेशन का एक दारोगा देख लेता है। इस दारोगा की विजय से पुरानी अनबन चली आ रही है। विजय घर लौटकर आता है तो पता चलता है जिस युवक ने उसकी बेटी और उसकी बीवी की इज्जत पर हाथ डालने की कोशिश की, वह गोवा की पुलिस महानिरीक्षक मीरा देशमुख का बेटा है। अपने परिवार को बचाने के लिए विजय एक पूरा घटनाक्रम रचता है।
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दृश्यम - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
2 अक्तूबर और 3 अक्तूबर 
विजय सलगांवकर अपने परिवार को लेकर पंजिम जाता है और कम से कम तीन ऐसे सबूत रचता है जिससे लगे कि पूरा परिवार 2 अक्तूबर से लेकर 3 अक्तूबर तक पंजिम में ही था। वह एक रेस्तरां जाता है पूरा परिवार वहां पाव भाजी खाता है। रेस्तरां का ये मालिक पुलिस के सामने गवाही देता है कि ये लोग उसके रेस्तरां आए थे। अपना खुद का थियेटर खोलने की बात करके विजय थियेटर के प्रोजेक्टर रूप में बैठकर फिल्म देखता है। प्रोजेक्शन असिस्टेंट भी पुलिस के सामने इसकी गवाही देता है। प्रवचन के बारे में वह अपने परिचितों को विस्तार से बताता है। यही प्रवचन स्वामी चिन्मयानंद ने दिए थे, इसकी पुष्टि वह खुद करते हैं।
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दृश्यम - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
और, फिर पलटता है पासा...
पुलिस सारी पूछताछ और सलगांवकर परिवार की बेदर्दी से पिटाई के बाद भी जब कुछ भी हासिल नहीं कर पाती। तो विजय से अदावत रखने वाला दारोगा अपनी आईजी के कहने पर विजय की छोटी बेटी के साथ बेरहमी करता है। बच्ची टूट जाती है और वह पुलिस को वह जगह बता देती है जहां उसकी मां और बहन ने लाश छुपाई थी। पुलिस भारी बंदोबस्त के साथ मौके पर पहुंचती है। टेलीविजन चैनलों के रिपोर्टर भी वहां पहुंच जाते हैं। मीरा अपने सामने खुदाई कराती है और वहां से एक लाश भी बरामद होती है, लेकिन ये लाश एक कुत्ते की है....!
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दृश्यम - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
कहां गई मीरा के बेटे की लाश? 
मीडिया के सामने अपनी भद्द पिटने के बाद मीरा देशमुख अपने पति के साथ मौके से चली जाती है। बच्ची की पिटाई की बात सामने आने के बाद भीड़ दारोगा की बुरी तरह से सार्वजनिक पिटाई करती है। पूरा मामला इतना बड़ा बन जाता है कि मीरा देशमुख को इस्तीफा देना पड़ता है। मामले की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी निलंबित होते हैं और फिल्म के अंत में दिखाया जाता है कि मीरा देशमुख व उसका पति विजय से माफी मांगने के लिए मिलते हैं। और, विनती करते हैं कि वह उन्हें बता दे कि उनके बेटे की लाश कहां है? विजय ने लाश कहां छुपाई ये फिल्म के आखिर में दर्शकों को पता चल जाता है...और इस लाश को खोजने पर ही आधारित है फिल्म ‘दृश्यम’ का दूसरा भाग यानी ‘दृश्यम 2’..!

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