डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद
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सितंबर 2019 में मुंबई पुलिस को बोरीवली रेलवे स्टेशन पर दिमागी रूप से बीमार एक महिला अपने बच्चे को अपना दूध पिलाते हुए मिली। पुलिस ने जब बच्चे की गहराई से छानबीन की तो बच्चे के शरीर पर चोटों के तमाम निशान नजर आए। पुलिस ने बच्चे को लेकर बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया और दिमागी रूप से बीमार महिला को कर्जत के श्रद्धा रिहैबिलिटेशन फाउंडेशन में इलाज के लिए भर्ती करा दिया। मां का इलाज चल ही रहा था, इस बीच बाल कल्याण समिति ने फैमिली सर्विस सेंटर की मदद से उस बच्चे को अनाथ मानते हुए एक अनाथ आश्रम भेज दिया, जहां पहुंचे सिद्धार्थ आनंद ने उसे गोद ले लिया।