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Video Interview: जोगी के बाद अली अब्बास जफर बनाएंगे ये मेगा बजट फिल्में, बोले-पैसों के लिए नहीं बना प्रोड्यूसर

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ali abbas zafar - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अली अब्बास जफर की गिनती हिंदी सिनेमा के चोटी के सबसे कामयाब फिल्म निर्देशकों में होती है। दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज में रंगमंच करते करते अली मुंबई आए और यशराज फिल्म्स उनकी सिनेमा की पहली पाठशाला बनी। लंबे समय तय यशराज फिल्म्स का हिस्सा रहे अली अब्बास जफर अब खुद फिल्म निर्माता बन चुके हैं। उनकी शाहिद कपूर के साथ बनाई एक्शन थ्रिलर जल्द रिलीज होने वाली है और उसके पहले उनकी एक बेहद संवेदनशील फिल्म ‘जोगी’ नेटफ्लिक्स पर इस हफ्ते रिलीज होने जा रही है। ‘अमर उजाला’ के सलाहकार संपादक पंकज शुक्ल से अली अब्बास जफर की एक एक्सक्लूसिव मुलाकात।
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ali abbas zafar - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आपकी आने वाली फिल्म ‘जोगी’ एक तरह से देखा जाए तो इसके किरदारों लाली, करीम और जोगी की दोस्ती की कहानी है? कितनी जरूरी है ये फिल्म मौजूदा समय के हिसाब से?

बिल्कुल सही कहा आपने, ये दोस्ती ही फिल्म ‘जोगी’ की कहानी का दिल है। इंसान की सबसे पहली जो जिम्मेदारी है कि वह इंसानियत दिखाए। उसके बाद जो वह करना चाहे वह अलग बात है। दोस्ती इंसानियत का वह एहसास है जिसके अंदर धर्म, वर्ण, जाति का कोई भेदभाव नहीं होता। मेरा मानना है कि इंसानी रिश्तों में जो सबसे निस्वार्थ रिश्ता घर के बाहर बनता है, वह दोस्ती का रिश्ता है।
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ali abbas zafar - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
‘सुल्तान’, ‘टाइगर जिंदा है’  और ‘भारत’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में निर्देशित करने के बाद आपकी फिल्म ‘जोगी’ सीधे ओटीटी पर रिलीज होने जा रही है। लोगों को तो इंतजार था कि आप बड़े परदे पर कोई बड़ा धमाका करेंगे?

जिन फिल्मों की बात आप कर रहे हैं, उनका कैनवस बड़ा हो सकता है। परदे पर उनकी शान शौकत बड़ी दिख सकती है लेकिन ये जो फिल्म है ‘जोगी’, इसका दिल इन सारी फिल्मों से बड़ा है। किसी भी कहानी के अंदर जो सबसे जरूरी चीज होती है, वह होती है उसकी रूह। ‘जोगी’ की आत्मा बहुत बड़ी है। मेरा मानना है कि किसी निर्देशक की तरक्की तभी आंकी जा सकती है जब वह दो चार फिल्मों के बाद किसी ऐसी परिस्थिति में जाकर फिल्म करे जो अब तक उसके लिए अनदेखी रही हो।

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ali abbas zafar - फोटो : सोशल मीडिया
कोरोना संक्रमण काल में आप बतौर निर्माता भी खासे सक्रिय रहे। एक निर्देशक को निर्माता बनने की जरूरत कब आन पड़ती है?

मेरा निर्माता बनने का पैसों से कोई ताल्लुक नहीं है। निर्माता बनने के पीछे मेरा एक ही मकसद है और वह ये कि जो विचार किसी कहानी को लेकर मेरे मन में आता है, ठीक वैसी ही फिल्म मैं परदे पर उतार सकूं। एक निर्माता के तौर पर मुझे अपने विचार की शक्ति पता होती है और फिर मुझे उसे परदे पर दिखाने के लिए किसी दूसरे की अनुमति की जरूरत नहीं होती। और, ये इसलिए भी जरूरी है क्योंकि किसी भी रचनात्मक इंसान का काम ही उसे जिंदा रखता है और समय के साथ उसकी जरूरत बनाए रखता है।
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ali abbas zafar - फोटो : सोशल मीडिया
ये तो सबको पता है कि दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज में रंगमंच के प्रति आपका रुझान आपको मुंबई लेकर आया लेकिन उससे पहले देहरादून के स्कूली दिनों में सिनेमा से इश्क कैसे हुआ?

हमारे पिताजी कल्बे हैदर जैदी पहले सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) में काम करते थे और बाद में ओएनजीसी के अफसर के रूप में सेवानिवृत्त हुए। माताजी के बारे में आपको पता ही कि वह सरकारी स्कूल में पढ़ाती थीं। घर पर पढ़ाई का माहौल था और नंबर भी मेरे अच्छे आते थे। तो घर में कोई टोकाटाकी थी नहीं और जैसे ही किशोरावस्था के जोश ने उफान मारा, मंसूर खान की फिल्म ‘जो जीता वही सिकंदर’ की तरह हमारा भी गैंग बना और इस गैंग का एक ही मकसद था, शहर में लगने वाली हर फिल्म का फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखना। शाहरुख, आमिर, सलमान, सनी देओल, बॉबी देओल, बस इन्हीं के साथ दोपहरें गुजरती थीं।
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ali abbas zafar - फोटो : सोशल मीडिया
‘बड़े मियां छोटे मियां’ भी देहरादून में ही देखी होगी आपने?

जी हां, बिल्कुल।
 
और, अब इसी नाम की फिल्म निर्देशित करने का आपको मिला है अक्षय कुमार और टाइर श्रॉफ के साथ?

मेरा ये शुरू से मानना रहा है कि आप जो भी अपनी ऊर्जा प्रकृति को देते हैं, वह कभी न कभी किसी न किसी रूप में आप तक वापस जरूर पहुंचती है। यही ‘बड़े मियां छोटे मियां’ के साथ हो रहा है। मेरे लिए ये फिल्म एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। पुरानी वाली फिल्म से इसका को लेना देना नहीं। एक एक्शन कॉमेडी फिल्म है जिसके जरिये कुछ अलग करने की कोशिश रहेगी।
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ali abbas zafar - फोटो : सोशल मीडिया
और, कैटरीना कैफ के साथ आप ‘मिस्टर इंडिया’ का रीबूट वर्जन भी बनाने वाले थे?

इस फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम पूरा हो चुका है। ये एक ऐसी फिल्म है जिसके लिए हम फिल्ममेकिंग की एक अलग तकनीक के साथ काम करना चाह रहे हैं और इसकी पर्याप्त तैयारियों के बिना इस पर काम शुरू करना जल्दबाजी होगी। अभी काम चल रहा है इस पर और उम्मीद की जानी चाहिए कि हम जल्द ही इसका आधिकारिक एलान भी कर देंगे।
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