गुरु दत्त-देव आनंद
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गुरु दत्त को दिया था ब्रेक
देव साहब को एक्टिंग और डायरेक्शन में महारत हासिल थी। वर्ष 1949 में उन्होंने नवकेतन फिल्म्स के नाम से अपनी प्रोडक्शन कंपनी की शुरू की थी। गुरु दत्त को ब्रेक देने का श्रेय भी देव साहब को ही दिया जाता है। इसके पीछे एक दिलचस्प किस्सा है। 1940 के आसपास की बात है। देव आनंद एक्टर बनने मुंबई आए थे। एक फिल्म के सिलसिले में उन्हें प्रभात स्टूडियो जाना था। उस इलाके में एक ही लॉन्ड्री थी, जहां देव आनंद अपने कपड़े धुलवाया करते थे। उस दिन जब वह लॉन्ड्री पहुंचे तो उनके कपड़े गायब थे। देव दूसरे कपड़े पहनकर स्टूडियो पहुंचे। वहां जाकर देखा कि एक लड़के ने उनके वही कपड़े पहने थे, जो लॉन्ड्री से गायब हुए थे। वह उस लड़के के पास गए और कहा, 'यार, तुम्हारे कपड़े बहुत अच्छे लग रहे हैं, कहां से लिए?' लड़के ने जवाब दिया, 'मेरे नहीं है, लेकिन किसी को बताना मत, आज लॉन्ड्री वाले के यहां गया तो उसने मेरे कपड़े धोए नहीं थे, मुझे वहां ये कपड़े बढ़िया लगे, तो उठा लाया।' देव आनंद को लड़के की साफगोई उन्हें पसंद आई। यह लड़का कोई और नहीं गुरु दत्त साहब थे। यहीं से दोनों की दोस्ती शुरू हुई और तभी देव आनंद ने गुरु दत्त से वादा किया कि मैं जब भी अपनी पहली फिल्म बनाऊंगा, उसे तुम ही डायरेक्ट करोगे। जब देव आनंद ने अपने प्रोडक्शन की पहली फिल्म 'बाजी' बनाई तो उसके डायरेक्टर गुरु दत्त ही थे।