Rakul Preet singh
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साउथ के सिनेमा और मुंबई के सिनेमा में क्या अंतर नजर आता है ?
मेरे हिसाब से आजकल सभी अच्छा कंटेंट बना रहे हैं तो उस स्तर पर कोई फर्क नहीं है। हां, साउथ में समय की पाबंदी ज्यादा है। वहां शूटिंग सुबह 9 से शाम के 6 बजे तक ही होती है, यहां मुंबई में 12 घंटे का काम होता है।
सच बताइए, ज्यादा पॉकेटमनी के लालच में फिल्मों के लिए हां करने वाली दिल्ली की लड़की ने कभी सोचा था कि एक दिन इतनी कामयाबी भी मिल जाएगी?
अगर मैं यह कहूं कि नहीं सोचा था, तो यह झूठ होगा। ऐसा कभी होता नहीं है कि आप काम शुरू करो और ये सोचकर शुरू करो कि इसमें फेल हो जाएंगे। अच्छा सोचना जरूरी है। माना कि यह काम आसान नहीं है, लेकिन हर दिन यह बेहतर भी होता जाता है। हर दिन काम, हर दिन प्रयास करना जरूरी है।