फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रसिद्ध नृत्य इतिहासकार सुनील कोठारी के निधन पर हेमा मालिनी ने जताया शोक, साझा कीं पुरानी यादें

Mon, 28 Dec 2020 04:40 PM IST
shrilata biswas एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
सुनील कोठारी, हेमा मालिनी - फोटो : instagram/themargfoundation, dreamgirlhemamalini
प्रसिद्ध नृत्य इतिहासकार पद्मश्री सुनील कोठारी का रविवार की सुबह निधन हो गया। दिल का दौरा पड़ने से उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। 87 वर्षीय सुनील कोठारी एक महीना पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे। उनके निधन पर अभिनेत्री हेमा मालिनी ने उन्हें याद किया है।
विज्ञापन

2 of 5
हेमा मालिनी - फोटो : अमर उजाला
हेमा मालिनी ने एक ट्वीट कर सुनील कोठारी के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वह बहुत याद आएंगे। उन्होंने अपने ट्वीट में बताया कि किस तरह सुनील कोठारी ने उन्हें उनके करियर के शुरुआती दिनों में हमेशा प्रोत्साहित किया।

 
विज्ञापन

3 of 5
हेमा मालिनी - फोटो : ANI
हेमा मालिनी ने ट्वीट में लिखा कि ‘सुनील कोठारी, प्रख्यात नृत्य समीक्षक का निधन हो गया है। वह उन लोगों में से एक थे जिन्होंने मुझे मेरे करियर के शुरुआती चरण में प्रोत्साहित किया। वह एक कला प्रेमी थे। एक शानदार व्यक्ति जिन्होंने शास्त्रीय नृत्य में रुचि ली और युवा नर्तकियों को प्रोत्साहित किया। आप बहुत याद आएंगे। सुनील जी।‘
 


 

4 of 5
सुनील कोठारी - फोटो : फाइल
सुनील कोठारी का सफर
बता दें कि सुनील कोठारी का जन्म 20 दिसंबर 1933 को मुंबई में हुआ था और भारतीय नृत्य कलाओं की शिक्षा लेने से पहले वह चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। कोठारी ने भरतनाट्यम, ओडिसी, छऊ, कथक समेत अन्य भारतीय नृत्य कलाओं पर 20 से ज्यादा किताबें लिखी हैं। उन्हें 1995 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्हें गुजरात संगीत नाटक अकादमी ने 2000 में गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया था। उन्होंने उदय शंकर और रूक्मिणी देवी अरूंडेल की फोटो जीवनी पर भी काम किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सुनील कोठारी - फोटो : फाइल
कोठारी ने रबिंद्र भारती विश्वविद्यालय में उदय शंकर चेयर का नेतृत्व किया और फुलब्राइट प्रोफेसर के तौर पर न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में नृत्य विभाग में पढ़ाया भी। उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा गया जिसमें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1995), गुजरात संगीत नाटक अकादमी का गौरव पुरस्कार (2000), पद्म श्री (2001) और अमेरिका में 2011 में डांस क्रिटिक्स एसोसिएशन, न्यूयॉर्क का ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट’ पुरस्कार शामिल है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें