दुलकर सलमान
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नौ से पांच की नौकरी में जी नहीं लगा
सिनेमा दुलकर सलमान की रग रग में रहा है। उनको बस डर इस बात का रहा कि फ्लॉप हो गया तो लोग क्या कहेंगे। एमबीए करने के बाद दफ्तर में समय बीतने लगा लेकिन नौ से पांच की इस नौकरी में उनको आनंद नहीं आ रहा था। दुलकर कहते हैं, ‘कागज, कंप्यूटर पर जो भी मैं कर रहा था, उसमें मुझे निपुणता हासिल थी। मैं खुश तो था पर सुख नहीं मिल रहा था। मेरे जितने भी दोस्त थे, उनमें से फिल्मी परिवार से कोई नहीं था। फिर मैंने यूं ही कुछ कहानियां सोचकर समय बिताने के लिए लघु फिल्में बनाने की शुरुआत की और तब जाकर मुझे लगा कि संतोष क्या होता है और मन की प्रसन्नता क्या होती है?'