chetan bhagat
इरा ने आगे लिखा, 'मैं दूर हट गई और उनसे पूछा कि वो ये क्या करने की कोशिश कर रहे थे । इस पर चेतन ने बिना किसी हिचकिचाहट और अधिकार भाव से कहा कि उन्होंने मेरी किताब की 100 कॉपियां खरीद ली हैं और पुणे की एक लाइब्रेरी को दान कर दी हैं । इसलिए वो अब हक से किस ले सकते हैं ।मैं अंदर से हिल चुकी थी । ये एक शादीशुदा इंसान की हरकत थी जिसके बच्चे भी हैं और जिनसे मैं लिटरेचर फेस्ट के दौरान मिल चुकी थी । चेतन भगत का ये चौंकाना वाला व्यवहार था । कुछ वक्त बाद चेतन का और खराब रूप सामने तब आया जब वो मेरी एक दोस्त के साथ विदेश में एक इवेंट में थे । चलती बस में चेतन ने उसे दबा लिया और गलत तरीके से छूने की कोशिश की । जब मुझे पता चला तो मैंने चेतन से पूछा जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि तुम्हारी दोस्त की रेप्युटेशन खराब है और वो मुझसे मिलना चाहती थी, मैं नहीं मिलना चाहता था ।''